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मुजफ्फरनगर में ED ने राना परिवार समेत चार उद्यमियों के यहां 16 घंटे की जांच, कैश बरामद; इलेक्ट्राॅनिक साक्ष्य किए एकत्र

By Ashu Singh Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Tue, 25 Aug 2026 01:07 PM (IST)

Muzaffarnagar ED Raid: मुजफ्फरनगर में फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट मामले में ईडी ने राना परिवार समेत चार उद्यमियों के यहां 16 घंटे तक छापेमारी की।

HighLights

  1. ईडी ने मुजफ्फरनगर में फर्जी आईटीसी मामले में छापेमारी की।

  2. राना परिवार समेत चार उद्यमियों के ठिकानों पर कार्रवाई।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लेकर सरकार को करोड़ों का वित्तीय नुकसान पहुंचाने के मामले में जनपद में राना परिवार समेत चार उद्यमियों के यहां 16 घंटे तक कार्रवाई के बाद ईडी की टीम सोमवार देर रात करीब 12 बजे लौट गई। सूत्रों के अनुसार ईडी ने लेखा-जोखा खंगालने के अलावा इलेक्ट्राॅनिक साक्ष्य एकत्र किए हैं।

मुख्य रूप में पूर्व सांसद एवं सपा नेता कादिर राना व उनके भतीजे पूर्व विधायक शाहनवाज राना के राना हाउस पर जांच केंद्रित रही। धन शोधन से जुड़े इनपुट पर यह कार्रवाई की गई। टीम दाेनों के कारोबार से जुड़ी विभिन्न फाइलों को साथ लेकर गई है।

ईडी की ओर से जारी बयान के अनुसार लखनऊ जोन की टीम ने जंबूद्वीप एक्सपोर्ट एंड इंपोर्ट लिमिटेड के मामले में तलाशी अभियान के दौरान फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने और उसे आगे पास करने को लेकर न्यू राना हाउस और गाजियाबाद में सुधा स्टील के परिसर से 1.1 करोड़ रुपये से ज्यादा नकद बरामद किए गए हैं।

प्रवर्तन निदेशालय के लखनऊ जोन के अधिकारियों ने सोमवार सुबह यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत फर्जी आइटीसी के मामले में की। बताया गया कि जंबूद्वीप एक्सपेार्ट एंड इंपोर्ट लिमिटेड, मेसर्स सुधा स्टील और उसकी शेल कपंनियों से जुड़ी संस्थाओं ने फर्जी इनवाया व ई-वे बिल तैयार कर बिना माल बिक्री के करोड़ों रुपये का आइटीसी दावा किया।

माल की आवाजाही दिखाने वाले फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। ईडी के अधिकारियों के मुताबिक जीएसटी विभाग की जांच में राजफाश हुआ था कि इस नेटवर्क ने 9.63 करोड़ रुपये का आइटीसी गलत तरीके से हासिल किया और 10.28 करोड़ का आइटीसी आगे ट्रांसफर कर दिया। यही रकम पीएमएलए के तहत प्रोसीड्स आफ क्राइम मानी जा रही है।

टीम ने सोमवार को जनपद में सबसे पहले टीम ने मेरठ रोड स्थित सुजडू में राना हाउस की घेराबंदी कर जांच शुरू की। यहां पर पूर्व विधायक शाहनवाज राना उनके चाचा पूर्व सांसद कादिर राना, पूर्व विधायक नूर सलीम उर्फ पप्पू राना के आवास पर छापेमारी की। इस दौरान किसी को आवास से बाहर या अंदर नहीं आने दिया गया।

ईडी की टीम पूर्व विधायक शाहनवाज राना के पुत्र शाहजमा राना के स्वामित्व वाली जम्बूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इंपोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े फर्जी आइटीसी क्लेम मामले में जांच कर रही है। इस इकाई पर बिना माल की वास्तविक आवाजाही के फर्जी चालान और ई-वे बिल तैयार कर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हड़पने के लिए उसे आगे बढ़ाने का आरोप है।

जांच में कई फर्जी और कागजी कंपनियों के जरिए बड़े पैमाने पर सर्कुलर ट्रांजेक्शन, फंड की तेजी से लेयरिंग और नकदी निकासी के ईडी को साक्ष्य मिले हैं। पूर्व में जीएसटी अधिकारियों की जांच में 9.63 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) गलत तरीके से हासिल करने और 10.28 करोड़ रुपये का आइटीसी आगे पासआन करना पुष्ट हुआ था।

इसको लेकर सभी रिकार्ड खंगालने के लिए टीम ने राना हाउस के अलावा मेरठ रोड स्थित पूर्व विधायक शाहनवाज राना के समाचार पत्र कार्यालय पर भी पहुंचकर जांच की। कागजों में यहां पर जंबूद्वीप का कार्यालय दर्शाया गया है। वहीं, प्रेमपुरी स्थित सर्वोत्तम रोलिंग मिल के मालिक संजय जैन के आवास पर भी जांच की गई आवास को बाहर से बंद कर भीतर रिकार्ड खंगाला गया।

नई मंडी की द्वारिका सिटी कालोनी में श्रीबालाजी रोलिंग मिल के स्वामित्व में शामिल आकाश कुमार के आवास पर भी टीम पहुंची और दस्तावेजों में समेत रिकार्ड की जांच की। इस फर्म में पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप के पति भाजपा नेता गौरव स्वरूप भी साझेदार हैं। द्वारिकापुरी कालोनी में समाजवादी पार्टी के पूर्व नेता एवं नगर पालिका के पूर्व उपाध्यक्ष लोहा उद्यमी अनिल तायल के आवास पर जांच की गई।

यहां उद्यमी के परिसर में किराएदार लोहा उद्यमी के निवास स्थान की घेराबंदी कर जांच की है। ईडी की छापेमारी से उद्यमियों में अफरातफरी मच गई। जांच एवं कार्रवाई से राजनीतिक हलकों में खलबली मची रही।