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काम का लालच देकर मजदूरों का जीवन बनाया नर्क, पुलिस के सामने बताई आपबीती तो भर आईं आंखें

Published: Tue, 23 Jun 2026 11:44 PM (IST)

मुजफ्फरनगर में एक दोना-पत्तल फैक्ट्री से बंधनमुक्त कराए गए मजदूरों ने अपनी आपबीती सुनाई, जिसमें उन्हें मोबाइल छीनकर, मारपीट कर ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. मजदूरों के मोबाइल छीनकर डेढ़ साल तक बंधक बनाया गया।

  2. खाने में सूखी रोटी, मना करने पर बेल्ट-डंडों से पिटाई।

  3. एसएसपी ने मजदूरों को घर भेजा, टीम को इनाम दिया।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। मंगलवार को बंधनमुक्त हुए मजदूरों ने यातना की पीड़ा और क्रूरता की कहानी बयां की। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में पहुंचते ही आरोपितों ने उनके मोबाइल फोन छीन लिए थे। डेढ़ साल बाद जब पुलिसकर्मियों ने अपने मोबाइल फोन से मजदूरों को उनके स्वजन से बात कराई, तो उनकी आंखों में आंसू आ गए। एसएसपी ने बरामद मोबाइल मजदूरों को दिलाए और सभी को घर पहुंचाने का प्रबंध किया।

तितावी के गांव मांडी की दोना-पत्तल फैक्ट्री में मजदूरों को प्रतिमाह मानदेय देने और दो वक्त का खाना देने का लालच देकर लाया गया था। आगरा निवासी मोनू चौहान, जो कक्षा 12वीं तक पढ़ा है, ने बताया कि उसे थोड़ी पढ़ाई की जानकारी थी, जिसके चलते वह फैक्ट्री संचालकों से सवाल-जवाब कर लेता था। फैक्ट्री में काम करते समय मजदूरों को पांच-पांच फीट की दूरी पर रखा जाता था और आपस में बातचीत करने की अनुमति नहीं थी।

वीडियो दिखाकर दिया था काम दिलाने का झासा

नेपाल के धन बहादुर ने एसएसपी को बताया कि उसे रेलवे स्टेशन लाया गया था। शिवम ने बताया कि वह वर्ष 2025 में हरिद्वार में गंगा स्नान करने आया था। यहां फरार आरोपित अंकित बालियान ने मोबाइल पर फैक्ट्री में काम का वीडियो दिखाकर उसे 10 हजार रुपये प्रतिमाह देने का झांसा दिया। नारायण, राजन चौधरी और रंजित ने बताया कि उन्हें नौकरी का झांसा देकर बंधक बना लिया गया।

उन पर पिटबुल कुत्ते छोड़े जाते थे और खाने में सूखी रोटी दी जाती थी। इन्कार करने पर आरोपित बेल्ट और डंडों से पीटते थे। मजदूरों की पीड़ा सुनकर पुलिसकर्मियों की आंखें करुणा से भर गईं। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बरामद मोबाइल मजदूरों को दिलाए और उन्हें घर भेजने का प्रबंध कराया। कार्रवाई करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया गया।