मुजफ्फरनगर, जागरण संवाददाता। पुलिस ने रामबीर हत्याकांड का राजफाश कर दिया है। हत्या साले ने अपने दोस्त और भांजे के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने साले व भांजे को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक आरोपित फरार है। पुलिस के मुताबिक जमीन बेचने के विरोध में हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। 

जमीन बेचने का साला कर रहा था विरोध 

खतौली कोतवाली में आयोजित पत्रकार वार्ता में इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि जानसठ थानाक्षेत्र के राजपुर कलां गांव निवासी रामबीर पुत्र ऋषिपाल के पास 20 बीघा कृषि भूमि थी। 15 बीघा वह बेच चुका था। पांच बीघा भूमि बेचने के लिए सौदेबाजी कर रहा था। इसका विरोध उसका साला रजनीश उर्फ धर्मराज पुत्र स्व. जयप्रकाश निवासी खानपुर कर रहा था। 

जीजा को फोन कर बुलाया और शराब पिलाई 

रजनीश ने अपने दोस्त प्रदीप कुमार उर्फ छोटू पुत्र ओमकार निवासी पिलौना, थाना फलावदा, जिला मेरठ और अपनी बहन के लड़के मोनू पुत्र गज्जू निवासी सिकरोड, जिला गाजियाबाद को हत्या की योजना में शामिल किया। इंस्पेक्टर ने बताया कि हत्या का अंजाम देने के लिए बुधवार को रजनीश ने तिसंग क्षेत्र में जीजा रामबीर को फोन कर बुलाया था। सभी ने पहले साथ बैठकर शराब पी।

गंगनहर में फेंकने जा रहे थे, लेकिन बाइक हुई बंद 

इसके बाद आरोपित बाइक से रामबीर को शराब के नशे में गंगनहर में फेंकने जा रहे थे लेकिन रसूलपुर गांव के जंगल में पेट्रोल खत्म होने पर बाइक बंद हो गई। इसके बाद रजनीश के दोस्त प्रदीप ने रामबीर की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को वहीं छोड़कर भाग गए। गुरुवार को पुलिस ने शव बरामद किया था। शुक्रवार को पुलिस ने मुख्य आरोपित रजनीश व भांजे मोनू को गिरफ्तार कर लिया। प्रदीप अभी फरार है। पकड़े गए आरोपितों से रामबीर का मोबाइल व बाइक मिली है। 

रामबीर पर था हत्या का मुकदमा

रामबीर पर भी 20 वर्ष पूर्व हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। इंस्पेक्टर ने बताया कि पकड़ा गया मोनू रामबीर की साली इंद्रेश का पुत्र है। हत्याकांड के बाद आरोपित रामबीर के घर में ही सोया था। वह मुजफ्फरनगर के आर्यपुरी में आइजीएल गैस पाइप लाइन को जोड़ने का काम करता है।

Edited By: Parveen Vashishta

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