जेएनएन, मुजफ्फरनगर। कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच भी लोग घरों में ठहरने को तैयार नहीं है। स्थिति यह है कि मुख्यमंत्री के आगमन के मद्देनजर बाजार तो बंद रहे, लेकिन सड़कों पर वाहनों की आवाजाही बदस्तूर जारी रही। मुख्यमंत्री के आगमन के समय जरूर वाहनों को रोका गया।

जिले में लोग लगातार कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए जिले में लाकडाउन भी लागू है। लाकडाउन के बाद भी लोग घरों में ठहरने को तैयार नहीं हैं। सोमवार को मुख्यमंत्री के आगमन के मद्देनजर किराना व अन्य दुकानें बंद रहीं। दुकानें बंद होने के कारण बाजारों में भीड़ न के बराबर रही।

उधर, बाजार में भीड़ न होने से पुलिस ने राहत की सांस ली, लेकिन सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई है। पुलिस के तमाम प्रयास के बाद भी लोग घरों में नहीं ठहर रहे हैं। स्थिति यह है कि सोमवार को भी शहर की सड़कों पर बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही रही। हालांकि जिस समय मुख्यमंत्री का शहर में आगमन हुआ उस समय सड़कों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। सोमवार को मुख्यमंत्री के आगमन के मद्देनजर शहर में चेकिग अभियान भी नहीं चल पाया। लाकडाउन में स्टाफ मुस्तैद, फिर भी कार्यालय सूने

जेएनएन, मुजफ्फरनगर। खतौली में कोरोना महामारी का असर दफ्तरों में दिखाई दे रहा है। भीड़ से चहल-पहल रहने वाले दफ्तरों में सन्नाटा पसरा है। सरकारी कार्यालय तो खुल रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों व अधिकारियों के आने और फरियादियों के न पहुंचने से दफ्तर दिनभर सूने रहते हैं। हालांकि दफ्तरों में अधिकारी व कर्मचारी शरीरिक दूरी का ख्याल रख रहे हैं।

कोरोना महामारी को देखते हुए लाकडाउन की अवधि 24 मई तक बढ़ी है। ऐसे में लोगों से जरूरत पर ही घरों से निकलने और बेवजह सड़कों पर नहीं घूमने की अपील की जा रही है। पुलिस प्रशासन सख्ती बरत रहा है। वहीं सरकारी कार्यालय खुले हैं। लाकडाउन में दफ्तरों में स्टाफ तो मुस्तैद है, मगर फरियादी न आने से सूने हैं। सोमवार को लगभग तमाम कार्यालय सूने रहे। तहसील, उप निबंधन, खंड विकास, पूर्ति विभाग, कृषि उत्पादन मंडी कार्यालय, बिजली विभाग में कर्मचारी और अधिकारी नजर आए। उक्त लोग शरीरिक दूरी बनाकर बैठे। यहां न तो कोई काम से आया और न ही शिकायत लेकर पहुंचा। दिनभर कार्यालय सूने रहे। तहसील और नगरपालिका में भी कर्मचारी मौजूद रहे। बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण और लाकडाउन लागू होने के कारण इक्का-दुक्का ही लोग दफ्तरों में आ रहे है, जिससे दफ्तरों में पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहता है। कर्मचारी ड्यूटी समय तक आवश्यक कार्य निपटाते हैं।