मांडी की धरती ने उगला खजाना: खेत में खोदाई में निकला था सोना-चांदी, 26 साल बाद भी चर्चा में घटना
मांडी गांव में 26 साल पहले किसान के खेत में खुदाई के दौरान सोना-चांदी मिला था, जिसकी जानकारी पूर्व डीजीपी विजय कुमार ने लखनऊ में साझा की है।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
26 साल पहले मांडी गांव में किसान के खेत में मिला था खजाना।
पूर्व डीजीपी विजय कुमार ने लखनऊ में खजाने पर दी चौंकाने वाली जानकारी।
पुलिस ने स्थल सील किया, पुरातत्व विभाग ने जांच की, मात्रा अज्ञात।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। पूर्व डीजीपी और नेशनल ट्रस्ट फार प्रमोशन आफ नालेज के चेयरमैन विजय कुमार ने गांव मांडी की धरती से निकले सोने-चांदी के किस्सों समेत अन्य धातु को लेकर लखनऊ में कई चौंकाने वाली जानकारी दी हैं। वह बीती 25 अगस्त को मांडी में आए थे और किसानों से संवाद करने के साथ ही उस कृषि भूमि पर गए थे, जहां खजाना निकला था।
बता दें कि पहली जुलाई 2000 को गांव मांडी में किसान अनिल के खेत में खोदाई के दौरान सोना-चांदी निकले थे। उस समय लोग पंचायत चुनाव के लिए नामांकन करने जा रहे थे। अनिल कुमार के खेत से मिट्टी खोदाई कार्य चल रहा था। सोना-चांदी निकलने से भीड़ लग गई थी।
गांव के विरेंद्र सिंह उस समय की घटना को याद करते हुए बताते हैं कि बड़ी संख्या में ग्रामीणों के हाथ आभूषण और सिक्के लगे थे। बाद में पुलिस-प्रशासन ने उस स्थल को सील कर दिया था।
पुरातत्व विभाग से टीम भी आई थी। काफी कुछ निकला था। हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया कि कितना साेना या चांदी यहां से निकली है। घटना के वर्षों बाद तक कई टीम यहां जांच को आईं।
रामपाल सिंह ने बताया कि 15 दिन पहले पूर्व डीजीपी विजय कुमार ने गांव में आकर बातचीत की थी। उस दौरान क्या-क्या हुआ इस बारे में पूछा। साथ ही जिस स्थान पर जमीन ने खजाना उगला था, वे वहां भी गए थे।
26 साल पहले सोना-चांदी मिलने के लगभग एक साल तक गांव में पुलिस-प्रशासन समेत पुरातत्व की टीम का आना जाना रहा। इस मामले की जांच सार्वजनिक होनी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को पता चल सके कि गांव का इतिहास क्या है।
