जेएनएन, मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत का चित्र बगैर अनुमति होर्डिंग पर इस्तेमाल करने पर चले कानूनी चाबुक से आहत उद्यमी सत्यप्रकाश रेशू ने संघ प्रमुख व प्रांत प्रभारी के दरबार में दस्तक दी है। उधर, संघ की स्थानीय कार्यकारिणी ऐसे कृत्य पर कार्रवाई के मूड में दिख रही है।

उद्यमी और एडवरटाइजिग एजेंसी संचालक सत्यप्रकाश रेशू के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होने पर उन्होंने सर संघचालक मोहन भागवत को मेल और मेरठ प्रांत प्रभारी अनिल को पत्र भेजा है। पत्र में कहा है कि वोट प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से सर संघचालक के चित्र का होर्डिंग पर प्रयोग किया गया। मामले में स्थानीय पदाधिकारियों को दरकिनार कर प्रांत प्रमुख से मुकदमा वापस लेने का अनुरोध किया है।

संघ के पदाधिकारी सत्यप्रकाश रेशू के इस कदम को उचित नहीं मान रहे हैं। उनका कहना है कि मुकदमा वापसी की याचना जिला संघचालक से करनी चाहिए थी। इसके लिए वही अधिकृत हैं। संघ में सारा काम सिस्टम, संस्कार और शिष्टाचार से होता है।

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यह था मामला

आरएसएस के जिला संघचालक और कच्छौली निवासी सुरेंद्र सिंह ने तीन दिन पूर्व शहर कोतवाली में एडवरटाइजिग एजेंसी संचालक सत्यप्रकाश रेशू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि बगैर अनुमति और राजनीतिक प्रायोजन के लिए सर संघचालक का चित्र होर्डिंग पर प्रयोग किया। पूरे प्रदेश में होर्डिंग लगाए गए। इससे संघ की छवि धूमिल हुई है। समाज में संगठन के प्रति गलत संदेश गया है। सर संघचालक के चित्र का सार्वजनिक प्रयोग प्रतिबंधित है।

--- मैंने सर संघचालक को मेल और प्रांत प्रभारी को पत्र लिखकर अपना पक्ष रखा है। मोहन भागवत जी मेरे प्रेरणा स्त्रोत हैं। मैंने राष्ट्रहित में यह कार्य किया है।

-सत्य प्रकाश रेशू

--- सत्यप्रकाश रेशू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। सर संघचालक का चित्र बगैर अनुमति के नहीं लगाया जा सकता। प्रांत प्रमुख को पत्र लिखने से मुकदमा वापस नहीं होगा। आगे की कार्रवाई के लिए संघ पदाधिकारियों से बातचीत करेंगे।

-सुरेंद्र सिंह, जिला संघचालक, आरएसएस

Edited By: Jagran