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    ज्ञानवापी का फैसला सुनाने वाले जज रवि कुमार दिवाकर ने मुजफ्फरनगर में संभाला पद

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 09:14 PM (IST)

    वाराणसी के ज्ञानवापी मामले में पहला फैसला सुनाने वाले न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर अब मुजफ्फरनगर में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए हैं। बरेली में तैनाती के दौरान उन्होंने तौकीर रजा को तलब किया था। ज्ञानवापी प्रकरण के बाद उन्हें आतंकियों से धमकी मिली थी, जिसके चलते उन्हें सुरक्षा प्रदान की गई थी। उन्होंने मुजफ्फरनगर में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।

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    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। वाराणसी के ज्ञानवापी प्रकरण में पहला फैसला सुनाने वाले और बरेली में वर्ष 2010 में हुए सांप्रदायिक दंगों के मुकदमे में आइएमसी प्रमुख तौकीर रजा को तलब करने वाले न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर अब मुजफ्फरनगर आ गए हैं। हाई कोर्ट ने उनको चित्रकूट से स्थानांतरित कर यहां भेजा है। यहां उनको अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट तृतीय) की जिम्मेदारी मिली है।

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    हाई कोर्ट ने गत 24 नवंबर को उनके स्थानांतरण का आदेश जारी किया। उन्होंने शनिवार को मुजफ्फरनगर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया। न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर इससे पहले चित्रकूट, बरेली और वाराणसी में नियुक्त रहे हैं।

    बरेली में वर्ष 2024 में तैनाती के दौरान उन्होंने वर्ष 2010 में दंगों के मामले में आइएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को तलब कर सबको चौंका दिया था। बरेली में कार्यकाल के दौरान इन्होंने 13 अपराधियों को फांसी और 60 अपराधियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

    ज्ञानवापी प्रकरण के बाद मिली थी सुरक्षा

    न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने वाराणसी में अपनी तैनाती के दौरान बहुचर्चित राखी सिंह आदि बनाम उत्तर प्रदेश सरकार आदि (ज्ञानवापी प्रकरण) पर सुनवाई की थी। इसके चलते उन्हें आतंकियों से धमकी तक मिली।

    इसी वजह से उच्च न्यायालय द्वारा 15 नवंबर 2022 को आवासीय गारद एवं सुरक्षाकर्मी भी उनकी व परिवार की सुरक्षा में उपलब्ध कराए थे। मुजफ्फरनगर स्थानांतरण होने पर उन्होंने एडीजी मेरठ जोन को 25 नवंबर को पत्र भेजकर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था दिलाने की मांग की है।

    आतंकियों ने इंस्टाग्राम पर डाली थी धमकी भरी पोस्ट

    दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गत 25 अक्टूबर को आइएसआइएस (इस्लामिक स्टेट आफ इराक एंड सीरिया) से जुड़े दो संदिग्ध आतंकी अदनान खां और मोहम्मद अदनान को गिरफ्तार किया था। इनसे यूपी एसटीएफ ने भी पूछताछ की थी, जिसमें पता चला था कि आतंकियों द्वारा अयोध्या में राम मंदिर समेत यूपी के कई धार्मिक स्थलों पर हमले की भी साजिश थी।

    साथ ही अदनान खां के विरुद्ध यूपी एटीएस ने भी जून 2024 में लखनऊ के थाना गोमतीनगर में मुकदमा दर्ज कराया था। तब पता चला था कि अदनान खां ने इंस्टाग्राम पर ज्ञानवापी प्रकरण के मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर को लेकर धमकी भरी पोस्ट डाली थी।

    उसमें न्यायाधीश की फोटो पर आंखों के ऊपर लाल रंग से काफिर लिखा था। वहीं, जून 2022 में अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध थाना कैंट वाराणसी में मुकदमा दर्ज हुआ था। उन्होंने ज्ञानवापी प्रकरण के मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश को काफिर, बुतपरस्त और हिंदू न्यायाधीश कहा था।