अनोखे ब्यूटी पार्लर में 26 हजार लड्डू गोपाल का शृंगार, भक्ति और कला के संगम से खंडित मूर्तियों को मिल रहा सुंदर स्वरूप
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर की गांधी कॉलोनी में 'लड्डू गोपाल जी' नामक एक अनोखा ब्यूटी पार्लर श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण ...और पढ़ें

मुजफ्फरनगर के गांधी काॅलोनी स्थित पार्लर में लड्डू गोपाल का श्रंगार करतीं शेफाली। जागरण
HighLights
मुजफ्फरनगर में 'लड्डू गोपाल जी' ब्यूटी पार्लर आकर्षण का केंद्र।
शेफाली सचिन वर्मा करती हैं ठाकुर जी का विशेष शृंगार।
खंडित लड्डू गोपाल मूर्तियों को विसर्जित न कर मरम्मत की जाती है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। गांधी कालोनी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर लड्डू गोपाल जी नाम से एक अनोखा ब्यूटी पार्लर श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण और भक्ति का केंद्र बना हुआ है। यहां ठाकुर जी का शृंगार पूरी श्रद्धा और बारीकी से किया जाता है। जिन लड्डू गोपाल को चोट लग जाती है या वे खंडित हो जाते हैं, उन्हें विसर्जित न कर, पार्लर में पहले जैसा सुंदर बनाकर उनकी सेवा की जाती है।
गांधी कालोनी के श्रीश्री गोलोक धाम मंदिर के सामने स्थित लड्डू गोपाल जी पार्लर की संचालक शेफाली सचिन वर्मा बताती हैं कि यहां ठाकुर जी का शृंगार विधिवत सफाई से शुरू होता है। इसके बाद उनकी आंखों को आकर्षक रूप दिया जाता है, बालों को सुंदर तरीके से रंगा जाता है, और नेल पालिश, लिपस्टिक तथा तिलक लगाकर लड्डू गोपाल को मनमोहक स्वरूप प्रदान किया जाता है।
कान्हा को उनकी पसंद के अनुसार विभिन्न प्रकार की पोशाक, माला, पगड़ी, सिंहासन, झूला, कड़े, कुंडल सहित अन्य शृंगार सामग्री से सजाया जाता है। एक लड्डू गोपाल को पूरी तरह तैयार करने में दो से तीन दिन का समय लगता है। शेफाली सचिन वर्मा पिछले 10 वर्षों से लड्डू गोपाल की सेवा और शृंगार का कार्य कर रही हैं। उनका कहना है कि जन्माष्टमी के पर्व पर लड्डू गोपाल जी का शृंगार और सेवा कार्य पूरी रात चलता है।
उन्होंने अब तक लगभग 26 हजार लड्डू गोपाल का श्रृंगार किया है। उनका मानना है कि सेवा करते समय थकान का अहसास नहीं होता, बल्कि मन को शांति और प्रसन्नता मिलती है। शेफाली ने एक विशेष मुहिम भी शुरू की है, जिसमें वे श्रद्धालुओं को यह सलाह देती हैं कि यदि किसी लड्डू गोपाल को चोट लग जाए या उनका कोई हिस्सा खंडित हो जाए, तो उन्हें विसर्जित नहीं करना चाहिए। ऐसे लड्डू गोपाल को सेवा के लिए लाया जा सकता है।
उनका प्रयास रहता है कि चोटिल लड्डू गोपाल की मरम्मत कर उन्हें फिर से सुंदर स्वरूप प्रदान किया जाए। इस अनोखे पार्लर ने श्रद्धालुओं के लिए उम्मीद का केंद्र बना दिया है, जो अपने ठाकुर के शृंगार और सेवा को लेकर विशेष भाव रखते हैं।
