जानसठ (मुजफ्फरनगर) : स्थानीय इमामबाड़े में बुधवार को शिया समाज की मजलिस संपन्न हुई। मजलिस के दौरान शिया सोगवारों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम मनाया। कुछ दिन से इमामबाड़े की कुछ भूमि को लेकर कुरैशी समाज के कुछ लोगों व शिया समाज में चल रहे विवाद के चलते प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा के इंतजाम किए।

कस्बे के मोहल्ला चौक स्थित इमामबाड़े में शिया समाज द्वारा बुधवार को मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस में मौलाना समर अब्बास चांदपुरी ने तकरीर करते हुए कहा कि इसी महीने में हजरत इमाम हुसैन ने दीन की रक्षा करने को करबला में भूखे-प्यासे संघर्ष करते हुए शहादत फरमाई थी और समाज में सच्चाई, नमाज व नेकी को कायम रखा था। उनकी शहादत किसी एक खास कौम के लिए नहीं, बल्कि तमाम इंसानियत के लिए थी। इस दौरान शिया सोगवार हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम करते रहे। अब्बास अली खां, दानिश अली खां, मास्टर अजहर अब्बास, शफी अहमद, अरशद अब्बास व हसन अली खां आदि मौजूद रहे।

सुरक्षा व्यवस्था रही चाक चौबंद

कुछ दिन से इमामबाड़े की कुछ भूमि को लेकर शिया समाज के लोगों का कुरैशी समाज के कुछ लोगों से विवाद चल रहा है। पहली बार प्रशासन ने मजलिस के दौरान इमामबाड़े के बाहर फोर्स तैनात रखी, वहीं खुफिया विभाग के अधिकारी भी स्थिति का जायजा लेते रहे।

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