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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 01, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

रामरतन के खिलाफ दोबारा सुनवाई की अर्जी कोर्ट में खारिज

By JagranEdited By:
Published: Fri, 01 Jul 2022 12:21 AM (GMT+05:30)

सा सा सा

रामरतन के खिलाफ दोबारा सुनवाई की अर्जी कोर्ट में खारिज
रामरतन के खिलाफ दोबारा सुनवाई की अर्जी कोर्ट में खारिज

रामरतन के खिलाफ दोबारा सुनवाई की अर्जी कोर्ट में खारिज

मुजफ्फरनगर, जेएनएन। गांव रोहाना खुर्द निवासी रामरतन के खिलाफ दोबारा सुनवाई की अर्जी कोर्ट में खारिज कर दी गई। दो साल पूर्व कोर्ट ने सबूत के अभाव में उसे बरी कर दिया था। खास बात है कि 26 सालों के दौरान 70 वर्षीय रामरतन कोर्ट में लगभग 400 बार तारीख पर पहुंचा। गांव रोहाना खुर्द निवासी रामरतन को दो नवंबर 1996 को पुलिस ने अवैध असलाह रखने के आरोप में जेल भेजा था। तीन माह बाद वह जमानत पर छूटकर आ गया था। 24 साल हुई सुनवाई के बाद भी पुलिस असलाह कोर्ट में पेश नहीं कर सकी थी। विवेचक गवाही देने नहीं पहुंचा था। इसके चलते नौ सितंबर 2020 को सीजेएम मनोज कुमार जाटव ने सबूत के अभाव में उसे बरी कर दिया था। रामरतन के बरी होने के बाद जिजा जज की कोर्ट में उसके खिलाफ दोबारा सुनवाई के लिए अपील की गई थी। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या-11 के जज शाकिर हसन के समक्ष चल रही थी। करीब दो साल चली सुनवाई के बाद कोर्ट ने बीती 27 जून को अपील खारिज कर दी।