मुजफ्फरनगर, जेएनएन। शहर में कूड़े से बिजली बनाने के प्लांट मंजूरी मिल गई है। नगर पालिका और नीदरलैंड की कंपनी के बीच भूमि के लिए 30 साल का अनुबंध किया गया है। दिल्ली में दो दिन तक मामले को लेकर मंथन किया गया है। कंपनी को बिजली आपूर्ति की जिम्मेदारी पालिका पर रहेगी, जबकि पालिका अपने कर्मचारी यहां तैनात नहीं कर सकेगी।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों की गंदगी दूर करने के लिए योजनाएं तैयार की गई हैं। इनमें से एक कूड़े से बिजली बनाने की योजना भी शामिल है। शासन ने मुजफ्फरनगर में वेस्ट-टू-एनर्जी का प्लांट मंजूर किया है। यह पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप पर संचालित होगा। पिछले दो दिनों से दिल्ली में नीदरलैंड की जीसी इंटरनेशनल कंपनी के साथ पालिका अधिकारियों की मंथन वार्ता की गई। ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने पालिका की ओर से शामिल रहे। कंपनी को प्लांट निर्माण करने के लिए 28 हेक्टेयर भूमि पालिका ने लीज पर दिया है। लीज की अवधि तीस वर्ष रखी गई है। कंपनी हर साल पालिका को सवा दो लाख रुपये इसका किराया देगी। बिजली का प्लांट निर्माण किदवईनगर में स्थित ए-टू-जेड प्लांट के स्थान पर किया जाएगा। भूमि की बाउंड्री, बिजली आपूर्ति और सड़क की जिम्मेदारी पालिका प्रशासन की रहेगी। 30 मेगावाट बिजली उत्पादन करेगी कंपनी

प्लांट लगाने के लिए एक साल के भीतर कार्य प्रारंभ कराया जाएगा। 30 मेगावाट बिजली उत्पादन की जाएगी। इसके लिए कंपनी ने पालिका से प्रतिदिन 750 टन कूड़े की मांग की है। ऐसे में नगर पालिका जिले के सभी नगर निकायों से कूड़ा एकत्र करेगी, ताकि प्लांट चलाने में कोई दिक्कत नहीं हो सके। वर्जन..

वेस्ट-टू-एनर्जी का प्लांट लगाने के लिए पालिका और नीदरलैंड की कंपनी के बीच भूमि लीज का अनुबंध किया गया है। तीस साल के लिए भूमि दी जाएगी। एक साल के बाद कंपनी यहां अपना कार्य प्रारंभ करेगी, इससे पूर्व पालिका अपने हिस्सा कार्य पूरा कराएगी।

-विनय कुमार मणि त्रिपाठी, ईओ, नगर पालिका।

Posted By: Jagran

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