26 घंंटे छापामारी के बाद लौटी ED, पूर्व सांसद कादिर राना के ठिकानों से 3.80 करोड़ रुपये नकद जब्त
प्रवर्तन निदेशालय ने मुजफ्फरनगर सहित नौ परिसरों पर छापेमारी कर 3.80 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं। यह कार्रवाई फर्जी ...और पढ़ें
HighLights
ईडी ने 9 परिसरों पर छापेमारी कर 3.80 करोड़ जब्त किए
फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले में हुई यह बड़ी कार्रवाई
पूर्व सांसद कादिर राना के ठिकानों से दस्तावेज बरामद
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की लखनऊ इकाई ने मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद और फरीदाबाद के नौ परिसरों पर सोमवार को छापेमारी कर 3.80 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की है। यह कार्रवाई संगठित तरीके से फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेकर सरकार को करोड़ों का वित्तीय नुकसान पहुंचाने के मामले में हुई है। जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स लिमिटेड से जुड़े उद्यमियों के पांच ठिकानों पर करीब 26 घंटे तक जांच के बाद ईडी की टीम लौट गई।
इस दौरान पूर्व सांसद एवं सपा नेता कादिर राना, पूर्व विधायक एवं आजाद समाज पार्टी के नेता शाहनवाज राना के ठिकानों से दस्तावेज व डिजिटल उपकरण बरामद किए गए।
पांच ठिकानों पर की गई जांच, नकदी के साथ दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद
शाहनवाज के स्वामित्व वाली इस फर्म से माल की खरीद-फरोख्त करने वाले उद्यमी संजय जैन, आकाश कुमार और अनिल तायल के यहां जांच कर टीम ने सभी के बयान भी दर्ज किए हैं। जंबूद्वीप फर्म से वर्ष 2018-19 में माल का क्रय-विक्रय करने वाले सर्वोत्तम स्टील के संचालक संजय जैन के यहां से बैंक का लेखा-जोखा, कारोबार संबंधित इनवायस जब्त किए हैं।
ईडी ने सोमवार सुबह शुरू किया था अभियान
ईडी की टीम ने बैंक अधिकारियों को साथ लेकर सोमवार सुबह पांच बजे से राना हाउस में जांच अभियान शुरू किया था। जांच मंगलवार सुबह सात बजे तक चली। परिसर में कादिर राना, उनके छोटे भाई नूर सलीम उर्फ पप्पू राना और भतीजे पूर्व विधायक शाहनवाज राना का भी आवास है। टीम ने मुख्य रूप से पूर्व विधायक शाहनवाज राना के स्वामित्व में संचालित जंबूद्वीप एक्सपोर्ट्स एंड इम्पोर्ट्स लिमिटेड की जांच की है। यह फर्म कागजों पर संचालित थी, जिसने बोगस बिल तैयार किए थे।
कारोबारियों के बयान दर्ज करने के साथ बैंक का लेखा-जोखा और इनवायस किए गए जब्त
इस फर्म ने वस्तुओं की वास्तविक आपूर्ति के बिना फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) हड़पा है और क्रय-विक्रय से जुड़े उद्यमियों को आईटीसी पासऑन की है। इसके चलते ईडी ने कृत्य को मनी लान्ड्रिंग निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अपराध माना है।
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सरकारी खजाने को 27.02 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ
ईडी का मानना है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 के दौरान जंबूद्वीप फर्म और उसके निदेशकों ने फर्जी चालान और जाली ई-वे बिलों के आधार पर बिना किसी वास्तविक आपूर्ति या माल के इनपुट टैक्स क्रेडिट का धोखाधड़ी से लाभ उठाया और उसे आगे बढ़ाया। इससे सरकारी खजाने को 27.02 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। इनपुट टैक्स क्रेडिट हड़पने के लिए नियोजित तरीके से जाली बिल तैयार किए गए थे।
