डॉ. दीक्षा ढींगरा को लखनऊ में डिप्टी सीएम ने गोल्ड मेडल से किया सम्मानित; बेटी की सफलता पर मुजफ्फरनगर में परिवार खुश
मुजफ्फरनगर की मेधावी बेटी डॉ. दीक्षा ढींगरा ने लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट से एमडी (पीडियाट्रिक्स) में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया है।

डाॅ. दीक्षा ढींगरा काे लखनऊ में उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने किया सम्मानित।
HighLights
डॉ. दीक्षा ढींगरा को एमडी (पीडियाट्रिक्स) में स्वर्ण पदक मिला।
लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट से हासिल की उपलब्धि।
माता-पिता को बेटी पर गर्व, बोले- जरूरतमंदों की सेवा करेंगी।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। प्रतिभा के पंख लगाकर उड़ने को आसमान बहुत हैं... यह प्रेरक पंक्ति शहर की मेधावी बेटी डा. दीक्षा ढींगरा ने अपनी विशेष उपलब्धि से चरितार्थ की है। उन्होंने लखनऊ के डाॅ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज में पढ़ाई कर एमडी में स्वर्ण पदक पाकर जिले का गौरव बढ़ाया है।
शहर में गांधी कालोनी निवासी आर्य समाज के प्रधान एवं उद्यमी राकेश कुमार ढींगरा की बेटी डाॅ. दीक्षा ढींगरा ने अपनी प्रतिभा, लगन और मेहनत से चिकित्सा क्षेत्र में सुनहरे कल का संकेत दिया है। उन्होंने लखनऊ स्थित डाॅ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेस कालेज से एमडी (पीडियाट्रिक्स) में गोल्ड मेडल पाया है।
दीक्षांत समारोह में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया। गर्व की बात यह है कि शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ डाॅ. दीक्षा ने चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में विशेष कार्य किया है। उनके शोध-पत्र प्रतिष्ठित इंडियन जर्नल आफ पीडियाट्रिक्स में प्रकाशित हो चुके हैं।
डाॅ. दीक्षा बताती है कि बाल चिकित्सा में नये अनुसंधान से बच्चों की गंभीर बीमारियों के कारण और बचाव पर उनका फोकस रहेगा। बेटी की उपलब्धि पर परिवार में खुशी है। पिता राकेश कुमार ढींगरा ने बताया कि बेटी ने शारदेन स्कूल से सीबीएसई बोर्ड से 10वीं और 12वीं श्रेष्ठ अंकों से उत्तीर्ण की।
परिश्रम से नीट की तैयारी की और एसएन मेडिकल कालेज आगरा से एमबीबीएस किया। एमडी में गोल्ड मेडल पाना उसके अनुशासन और पुरुषार्थ को साबित करता है। माता सरोज ढींगरा कहती है कि बेटी पर गर्व है।
वह सफल बाल रोग विशेषज्ञ बनें और असहाय, जरूरतमंदों की सेवा करें। भाई निखिल और भाभी यशिका ढींगरा ने डाॅ. दीक्षा के शैक्षणिक सफर को प्रेरक बताया। उधर, आर्य समाज के संयोजक गजेंद्र सिंह राणा, न्यूरो सर्जन डाॅ. अश्वमेघ सिंह बालियान ने हर्ष व्यक्त किया।
