यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
UP News: यूपी पुलिस के दारोगा रिश्वत लेते पकड़े गए, जानलेवा हमले की धारा हटाने के लिए मांगी थी 10 हजार रुपये की रिश्वत
Muzaffarnagar News In Hindi रिश्वत के लिए 10 हजार रुपये मांगने पर यूपी पुलिस के दारोगा को गिरफ्तार कर एंटी ...और पढ़ें

HighLights
- भ्रष्टाचार की धाराएं दारोगा पर लगी
- दस हजार रुपये मांगे थे रिश्वत के
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरनगर। एंटी करप्शन सहारनपुर की टीम ने भोपा थाने में तैनात एक दारोगा को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोप है कि एक मुकदमे में जानलेवा हमले की धारा हटाने की एवज में दारोगा ने रिश्वत की मांग की थी।
एंटी करप्शन विभाग के अधिकारियों ने आरोपित दारोगा को थाना सिविल लाइंस लाकर पूछताछ की। इसके बाद उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया।
केस हुआ दर्ज
एंटी करप्शन थाना सहारनपुर के इंस्पेक्टर सुभाष कुमार ने बताया कि हिमांशु राठी पुत्र जगेश सिंह निवासी गांव वाजिदपुर कवाली थाना जानसठ ने शिकायत की थी कि उनके भांजे विनीत कुमार पुत्र वीर सिंह निवासी गांव कादीपुर थाना भोपा के विरुद्ध दिसंबर में जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज हुआ था।
दारोगा को रंगे हाथ पकड़ने के लिए बिछाया जाल
आरोप लगाया गया था कि उक्त मामले की विवेचना में थाना भोपा में तैनात दारोगा सुभाष चंद्र जानलेवा हमले की धारा हटाने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा है। उन्होंने बताया कि शिकायत पर एंटी करप्शन की टीम ने जाल बिछाया। इसके बाद मंगलवार को भोपा थाना क्षेत्र में गंगनहर पुल के पास से दारोगा सुभाष चंद्र को गिरफ्तार कर लिया। रिश्वत के रूप में दी गई 10 हजार रुपये की नगदी भी बरामद की गई।
उन्होंने बताया कि आरोपित दारोगा के विरुद्ध थाना सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया गया। आरोपित दारोगा सुभाष चंद्र मूलरूप से गांव कस्तला थाना पिलखुवा, जिला हापुड़ का निवासी है।
