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Delhi-Dehradun Green Corridor पर बरसात का कहर, मिट्टी बही...सड़क बैठी

By Pradeepmittal Mittal Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 12 Jul 2026 05:10 PM (IST)

मुजफ्फरनगर में दिल्ली-देहरादून ग्रीन कॉरिडोर पर भारी बरसात से मिट्टी बहने और सड़क धंसने से बड़े गड्ढे हो गए हैं। ...और पढ़ें

दिल्ली देहरादून ग्रीन कॉरिडोर पर मिट्टी डालती क्रेन। जागरण

दिल्ली देहरादून ग्रीन कॉरिडोर पर मिट्टी डालती क्रेन। जागरण

HighLights

  1. दिल्ली-देहरादून ग्रीन कॉरिडोर पर बारिश से मिट्टी बही, सड़क धंसी।

  2. मुजफ्फरनगर में करौदा से राजपुर तक सड़क हुई क्षतिग्रस्त।

  3. हाईवे अथॉरिटी ने मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया।

संवाद सूत्र, बुढ़ाना (मुजफ्फरनगर)। तहसील क्षेत्र के फुगाना थाना क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून ग्रीन कारिडोर पर पिछले चार दिन तक हुई मूसलाधार बरसात ने एक बार फिर हाईवे की हालत खराब कर दी है। सड़क के किनारे की मिट्टी बह जाने से कई जगहों पर सड़क बैठ गई और बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में करौदा से लेकर डूंगर, राजपुर छाजपुर तक सड़क उखड़ने की शिकायत भी मिली। हाईवे अथारिटी की टीम मौके पर पहुंची और मरम्मत कार्य जोर-शोर से शुरू कर दिया है। मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए मिट्टी भराई और गिट्टी डालने का काम चल रहा है।

मेंटेनेंस अधिकारी कमलेश तिवारी ने बताया कि सड़क को यातायात के लिए सुरक्षित बनाने के लिए हमारी टीम लगातार कार्यरत है। फिलहाल मिट्टी और गिट्टी डाली जा रही है। मिट्टी गीली होने के कारण एक दिन हवा लगने के बाद कंक्रीट डालकर स्थायी मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा।

गौरतलब है कि पिछले माह भी बरसात के कारण करौदा टोल बूथ के पास शामली की ओर सड़क धंस गई थी। वहां गहरे गड्ढे बन गए थे, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए थे। उस घटना के बाद हाईवे अथॉरिटी ने बारिश समाप्त होने के बाद से ही पूर्ण मरम्मत शुरू की थी। बरसात के मौसम में ग्रीन कॉरिडोर पर मिट्टी बहाव और सड़क क्षति की समस्या बार-बार सामने आ रही है। इससे यातायात पर असर पड़ने के साथ ही दुर्घटना की आशंका भी बढ़ जाती है।

खेतो में जाने वाली सर्विस रोड में भरा पानी
हाइवे के पास किसानों के खेतों की ओर जाने वाली सर्विस रोड भी बारिश के कहर से अछूती नही है। कई जगह पानी भर गया है तो कई स्थानों पर मिट्टी बहने से रास्ता ब्लाक हो गया है। इससे किसानों को खेतों में जाने के लिए असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।