मुजफ्फरनगर, जेएनएन। चरथावल के दधेड़ू गांव में सर्दी से बचाव को जलाई गई अंगीठी सगे भाई-बहन का काल बन गई। गैस व धुएं के कारण दम घुटने से दोनों की दर्दनाक मौत हो गई। पुलिस व राजस्व विभाग के अधिकारियों ने मामले की जानकारी ली।

थानाक्षेत्र के दधेडू कलां गांव निवासी राजेंद्र प्रजापति का दूध और मावा का कारोबार है। सोमवार देर रात काम समाप्त होने के बाद उनकी 16 वर्षीय पुत्री नेहा और 11 वर्षीय पुत्र अंश दूसरी मंजिल पर बने कमरे में सोने के लिए चले गए। ठंड से बचने के लिए कोयले की जलती अंगीठी चारपाई के नीचे रखकर दरवाजा बंद कर लिया। मंगलवार सुबह दोनों के न उठने पर स्वजन ने दरवाजा खोला तो कमरा धुएं से भरा हुआ था। दोनों भाई-बहन अचेत अवस्था में पड़े थे। आनन-फानन में स्वजन उन्हें एक चिकित्सक के ले गए। यहां दोनों को मृत घोषित कर दिया। कमरे में रोशनदान न होने के कारण माना जा रहा है कि दोनों की मौत दम घुटने से हुई है। स्वजन ने बताया कि आग से चारपाई, कपड़े जलने के साथ ही दोनों झुलसे हुए भी थे। थाना प्रभारी ज्ञानेश्वर बौद्ध, नायब तहसीलदार राजकुमार सिंह, कानूनगो प्रवीण कुमार व लेखपाल सोनिया सिंह ने घटना की जानकारी ली। थाना प्रभारी ने बताया कि स्वजन ने कार्रवाई से इन्कार कर दिया है। दोनों का गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उधर, पुरकाजी विधायक प्रमोद ऊटवाल ने गांव पहुंचकर स्वजन को सांत्वना दी। हर तरह की मदद का आश्वासन दिया।

सोने से पहले अंगीठी-हीटर बंद करना जरूरी

जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक बाबूराम कर्णवाल ने बताया कि सर्दी में लोग कमरा गर्म करने के लिए अक्सर अंगीठी या हीटर जला लेते हैं, जो साइलेंट मौत का कारण बन जाता है। ध्यान रखना चाहिए कि जिस भी कमरे में अंगीठी या हीटर चलाया गया है उसमें वेंटीलेशन होना बहुत जरूरी है। इसके बाद भी सोने से पहले अंगीठी और हीटर बंद कर देना चाहिए। कार्बन मोनोआक्साइड बनने से बंद कमरे में सोते हुए लोगों की मौत हो जाती है। स्नान करते समय बाथरूम में लगे गैस गीजर भी बंद कर दें।

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