मंच पर रावण : दादाजी ने सिखाया, पिता ने निभाया...अब पौता भी मंच पर कर रहा अट्टहास
मुजफ्फरनगर के भोपा गांव में 1920 से चली आ रही श्रीरामलीला में एक परिवार की तीन पीढ़ियां रावण का किरदार ...और पढ़ें

मुजफ्फरनगर के भोपा में रामलीला के मंच पर विराजे मनोज कुमार, रुद्रप्रताप शर्मा, भानुप्रताप शर्मा व शुभम शर्मा। जागरण
HighLights
एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां निभा रहीं रावण का किरदार।
अन्य परिवारों के सदस्य भी विभिन्न भूमिकाओं में सक्रिय।
भोपा में 1920 से चली आ रही श्रीरामलीला की परंपरा।
जागरण संवाददाता, भोपा (मुजफ्फरनगर)। गांव में वर्ष-1920 से चली आ रही श्रीरामलीला मंचन की परंपरा आज भी गांव के कलाकारों के समर्पण से जीवंत है। ब्रिटिश शासनकाल में शुरू हुआ रामलीला महोत्सव पीढ़ी-दर-पीढ़ी लोगों को रामायण के प्रसंगों से जोड़ रहा है। युवा रामलीला कमेटी के तत्वावधान में आयोजित होने वाले इस महोत्सव की खासियत यह है कि यहां एक परिवार के पिता और दोनों बेटे अभिनय कर रहे हैं, तो दूसरा परिवार तीन पीढ़ियों से रावण का किरदार निभाकर परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।
दादा से पोते तक, तीन पीढ़ियों ने निभाया रावण का किरदार
रामलीला में रावण का किरदार निभाने की परंपरा भी विशेष पहचान रखती है। एक ही परिवार की तीन पीढ़ियां इस भूमिका को जीवंत करती आ रही हैं। पेशे से एकाउंटेंट शुभम शर्मा पिछले 10 वर्षों से रावण का अभिनय कर रहे हैं। उनसे पहले उनके पिता अश्वनी कांत शर्मा करीब 40 वर्षों तक इस भूमिका को निभाते रहे और इससे पहले दादा वेदप्रकाश शर्मा ने रावण का किरदार निभाया। इस तरह परिवार ने लंबे समय से इस परंपरा को सहेजकर रखा है।
पिता से प्रेरित होकर अभिनय करने लगे बेटे
प्राथमिक विद्यालय पटौली में तैनात शिक्षामित्र मनोज शर्मा पिछले 14 वर्षों से रामलीला में राजा जनक, सुग्रीव और भगवान शिव के किरदार निभा रहे हैं। उनके अभिनय से प्रेरित होकर दोनों बेटों ने भी मंच पर अपनी पहचान बनाई। रुद्रप्रताप शर्मा हनुमान और भानुप्रताप शर्मा मेघनाद का किरदार निभा रहे हैं।
रुद्रप्रताप एमबीए व भानुप्रताप डीएलएड की ट्रेनिंग कर रहे हैं। वहीं, स्व. रघुनंदन शर्मा ने 35 वर्षों तक कैकई व सुमंत का किरदार किया और अब उनके पोते अंकित शर्मा जो भूमिया मंदिर में पुजारी हैँ वह 13 वर्ष से श्रीराम की भूमिका निभाकर दर्शकों की सराहना बटोर रहे हैं।
महीनों पहले शुरू हो जाती है तैयारी
रामलीला के निर्देशक अमर पाल सैनी पिछले 40 वर्षों से आयोजन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। रामलीला में गांवों के कलाकार ही विभिन्न पात्रों का अभिनय करते हैं, उनका भतीजा आशीष सैनी बीटेक का छात्र है और लक्ष्मण का अभिनय कर रहे है। मंचन को प्रभावशाली बनाने के लिए कलाकार महीनों पहले से संवाद और पाठ की तैयारी में जुट जाते हैं। तरुण प्रधान के सहयोग से रामलीला मंचन के लिए पक्का स्टेज भी तैयार कराया गया है। कमेटी के अध्यक्ष अनिल कांत शर्मा, संजय प्रजापति आयोजन में जुटे रहते हैं।
