मुजफ्फरनगर, जेएनएन। हरियाणा में आयोजित अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय फ्री-स्टाइल कुश्ती प्रतियोगिता में सिल्वर पदक जीतकर गांव का नाम करने वाले आयुष पहलवान का दतियाना गांव में लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ फूल-माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। आयुष का सपना कुश्ती में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना है।

दतियाना गांव निवासी किसान ओमवीर सिंह का पुत्र आयुष पहलवान सह दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर में बीए फाइनल का छात्र है। विश्वविद्यालय में ही उसने कुश्ती की ट्रेनिग ली। गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय हिसार हरियाणा में आयोजित अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय कुश्ती प्रतियोगिता में भाग लिया। फ्री-स्टाइल कुश्ती के 65 किलोग्राम भार वर्ग की कुश्ती में आयुष ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर सिल्वर पदक जीता। सोमवार देर शाम गांव पहुंचने पर बढेड़ी चौराहे पर एकत्र ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़े बजाकर और फूल-माला पहनाकर स्वागत किया। पिछले वर्ष हरियाणा के भिवानी में आयोजित आल इंडिया विश्वविद्यालय कुश्ती प्रतियोगिता में उसने कांस्य पदक जीता था। आयुष ने बताया कि कक्षा छह की पढ़ाई के बाद उसका दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर में दाखिला हो गया। तभी से वह वहीं रहकर कुश्ती सीख रहा है। आयुष मां-पिता का अकेला पुत्र है। घर में खुशी का माहौल है। मां ऊषा देवी और दादी सुखदा ने भी आयुष को आशीर्वाद दिया। आयुष का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर देश एवं गांव का नाम रोशन करना है। मुख्य रूप से सदर ब्लॉक प्रमुख अमित चौधरी, सचिन फौजी, रामपाल सिंह, मंजीत सिंह, प्रहलाद सिंह, रामवीर सिंह, मनोज कुमार, डॉ राकेश शर्मा, विनीत कुमार, नकुल कुमार, अभिषेक राठी व जूनियर टीम के खिलाड़ी मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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