मुजफ्फरनगर, जेएनएन। नगर पंचायत, बुढ़ाना के सीमा विस्तार के लिए शासन ने हरी झंडी दे दी है। आदेश आने के बाद एक बार फिर नगर पंचायत सुर्खियां तेज हो गई हैं। पूर्व डीएम ने सीमा विस्तार न होने की संस्तुति कर शासन को रिपोर्ट भेजी थी, जिसे शासन ने खारिज कर दिया है। शासन ने सीमा विस्तार के लिए अधिकारियों को आख्या भेजने के आदेश दिए हैं। इसको लेकर प्रशासनिक अमला कार्रवाई में जुट गया है। माना जा रहा है कि सीमा विस्तार से करीब दस हजार लोगों को लाभ पहुंचेगा।

नगर पंचायत बुढ़ाना के आसपास शफीपुर पट्टी बसी है। इस पट्टी की आबादी 10 हजार से ज्यादा है। यह क्षेत्र नगर पंचायत में शामिल के लिए संघर्ष कर रहा है। वर्ष 2013 में शासन ने बुढ़ाना को नगर पालिका बनाए जाने का नोटिफिकेशन जारी किया था। इसके बाद मामला गरमा गया था। तब नगर पंचायत बोर्ड ने बैठक कर इस प्रस्ताव को नकार दिया था। इसके बाद वर्ष 2013 से लेकर 2018 तक मामला लटका रहा। इसी बीच शासन ने नगर पालिका के बजाए इसके सीमा विस्तार के लिए प्रस्ताव मांगा था। इसे भी नगर पंचायत बोर्ड अस्वीकार कर चुका है। पूर्व डीएम राजीव शर्मा के कार्यकाल के वक्त शासन ने इस मामले में आख्या मांगी थी। तब डीएम राजीव शर्मा ने बुढ़ाना एसडीएम, अधिशासी अधिकारी की आख्या पर 20 जुलाई 2018 को संस्तुति एवं आख्या शासन को भेजी थी, जिसमें कहा गया है कि बुढ़ाना एसडीएम, अधिशासी अधिकारी ने अनेक बिदुओं पर आख्या दी है। जिसमें नगर पंचायत बुढ़ाना बोर्ड द्वारा सीमा विस्तार के लिए सहमति नहीं दी गई है।

अब मामले में शासन के आदेश से नया मोड़ आ गया है। शासन ने जिला प्रशासन को नगर पंचायत बुढ़ाना के सीमा विस्तार से संबंधित आख्या मांगी है, इसको लेकर एडीएम प्रशासन अमित सिंह ने ईओ को एक सप्ताह में इससे संबंधित तमाम पत्रावलियों को उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। बता दें कि इस प्रकरण में अधिवक्ता उत्थान समिति के अध्यक्ष एहतेशाम सिददीकी ने भी हाईकोर्ट में रिट दायर कर रखी है, वह सीमा विस्तार के पक्ष में हैं।

Posted By: Jagran

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