मुजफ्फरनगर, जेएनएन।

सिसौली तहसील बनाए जाने का विरोध करते हुए बुढ़ाना बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने सोमवार को विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बाबू सिंह राठी ने कहा कि नई तहसील का निर्माण मानक के अनुसार होना चाहिए।

बार एसोसिएशन बाबू सिंह राठी ने अपने आवास पर पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि बुढ़ाना व सदर तहसील के कुछ हिस्सों को काटकर सिसौली को नई तहसील बनाने की प्रक्रिया का पता लगने पर अधिवक्ताओं ने इसके विरोध का फैसला लिया है। इसके लिए सोमवार को अधिवक्ता तहसील में एकत्र होकर कार्य बहिष्कार कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने बताया कि मानक के अनुसार एक तहसील क्षेत्र में लगभग एक लाख हेक्टेयर का रकबा होना चाहिए। बुढ़ाना तहसील में अभी जमीन का रकबा करीब 52 हजार हेक्टेयर है और अगर नई तहसील बनने के बाद 18 से 20 हजार हेक्टेयर का रकबा कटा तो बुढ़ाना तहसील का वजूद मात्र 30 से 35 हजार हेक्टेयर के रकबे का ही रह जाएगा। हमारे अधिवक्तागणों ने सूचना के अधिकार के तहत गत माह तहसीलदार से सूचना मांगी गई थी, जिसका अभी कोई जवाब नही दिया गया है। उन्होंने कहा कि नई तहसील का निर्माण मानक के अनुसार ही होना चाहिए। इसके लिए अधिवक्ता जरूरत पड़ी तो हाईकोर्ट भी जाएंगे। सोमवार को अधिवक्तागण रिट आदि डालने पर विचार विमर्श भी करेंगे।

Posted By: Jagran

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