मुजफ्फरनगर: दंगे के दौरान हत्या व दुष्कर्म के मामलों में फर्जी नामजदगी व पुलिस की दबिश से क्षुब्ध खाप चौधरियों ने कहा कि निर्दोषों को जेल नहीं जाने दिया जाएगा। दोनों समुदाय सुलह के इच्छुक हैं, लेकिन उन्हें गुमराह किया जा रहा है। दंगे की सीबीआइ जांच होनी चाहिए। 25 मार्च को महापंचायत करने का निर्णय लिया गया।

रविवार को गांव रायपुर नंगली में अहलावत खाप के चौधरी गजेंद्र प्रधान के आवास पर खाप चौधरियों की हुई पंचायत में भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत, लाटियान खाप के विरेंद्र सिंह, गठवाला खाप के प्रतिनिधि राजेंद्र सिंह, देशवाल खाप केसुरेंद्र सिंह, जटराना खाप के अजय आदि ने कहा कि दंगे में फर्जी नामजदगी हुई है। नौकरीपेशा, छात्राओं, मरे लोगों व गांव से बाहर रहने वाले करीब सात हजार लोगों के विरुद्ध नामजद व अज्ञात में हत्या व दुष्कर्म की झूठी रिपोर्ट दर्ज हुई है। शासन-प्रशासन की भूल से दंगा हुआ था, जिसने देश-विदेश में जनपद को शर्मसार किया। पुलिस दबिश दे रही है। फर्जी नामजदगी में गिरफ्तारी से स्थिति बिगड़ सकती है। दो समुदाय सुलह के इच्छुक हैं, पर शिविर में रहने वाले लोगों को गुमराह किया जा रहा है। एसआइसी ने पुलिस लाइन में बैठकर जांच पूरी कर ली। मौके पर जाकर हकीकत को नहीं देखा। उनके साथ भेदभाव हो रहा है। खाप चौधरियों ने दंगे की सीबीआइ जांच कराने की मांग की। बुद्धिजीवी मुस्लिम उनके संपर्क में है। शिविर में रहने वाले लोग अपने गांवों में लौटें तो उनके नुकसान की भरपाई की जाएगी। वे पीड़ित हैं इसलिए पंचायत कर रहे हैं। आने वाले समय में टकराव की स्थिति न हो इसलिए सर्वजातीय महासभा की 25 मार्च को फुगाना में 36 बिरादरी की पंचायत होगी। आचार संहिता लगने से पहले उनकी पंचायत की घोषणा हो चुकी है।

ओमकार अहलावत, हरपाल मलिक, उद्यम सिंह, प्रीतम सिंह, राजवीर सिंह, सुरेंद्र सिंह, विजेंद्र, देवेंद्र सिंह, इलम सिंह, राजू अहलावत, ऋषिपाल, संजय बालियान, संजीव, सुनील प्रधान, मेहक सिंह, अरुण चौधरी, ओमपाल आदि मौजूद रहे।