मुजफ्फरनगर : 18 वर्षो से कचहरी परिसर में धरना दे रहे मास्टर विजय सिंह के मोदी की रैली में आत्मदाह करने की अफवाह पर पुलिस उन्हें रात भर ढूंढती रही। पुलिस के सक्रिय होने की खबर पाकर मास्टर विजय सिंह पहले ही धरनास्थल से रफू-चक्कर हो चुके थे। रविवार दोपहर उपरांत एक मध्यस्थ के सहयोग से पुलिस व विजय सिंह के बीच वार्ता उपरांत उपजा संशय दूर हुआ।

भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी की रैली से एक दिन पूर्व शनिवार को मास्टर विजय सिंह ने मेरठ कमिश्नरी चौक पर धरना देकर उनसे कई सवाल दागे थे। उन्होंने सवाल दागा था कि 1996 में सूबे के राज्यपाल की संस्तुति के बावजूद केन्द्र में तत्कालीन भाजपा सरकार में शामिल कई मंत्रियों व स्थानीय पार्टी नेताओं ने चौसाना में चार हजार बीघा सार्वजनिक भूमि घोटाले की सीबीआइ जांच क्यों नहीं होने दी। इसके साथ ही कई सवाल खड़ा कर धरने के उपरांत विजय सिंह शनिवार को ही मेरठ से मुजफ्फरनगर कचहरी स्थित अपने मूल धरनास्थल पर लौट आए थे। इसके उपरांत उनके द्वारा नरेन्द्र मोदी की रैली में आत्मदाह किये जाने की अफवाह पर देर रात्रि में ही खुफिया विभाग सक्रिय हो गया। पुलिस द्वारा अपने आप को गिरफ्तार किए जाने के मंसूबे की भनक पाकर मास्टर विजय सिंह रविवार को पो फटने से पूर्व ही धरना स्थल से गायब हो गए। इस दौरान पुलिस कई बार उनकी टोह लेने के लिए कचहरी पहुंची। वहां कुछ पत्रकारों से वार्ता के बाद यह बात साफ हुई कि न तो मास्टर विजय सिंह आत्मदाह करने जा रहे हैं और न ही पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने का मंसूबा बनाए है। एक मध्यस्थ के प्रयास से सिटी सेंटर मार्केट स्थित एक कार्यालय पर चौकी पुलिस इंचार्ज व मास्टर विजय सिंह के बीच वार्ता हुई तो मामला साफ हुआ। मास्टर विजय सिंह ने बताया कि मोदी की रैली में आत्मदाह की खबर अफवाह थी और वह शनिवार को ही अपना धरना समाप्त कर मेरठ से लौट आए थे।

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