मुजफ्फरनगर, जेएनएन। मुजफ्फरनगर के मीरापुर के जंगल में सोमवार देर रात एसटीएफ ने मुठभेड़ में एक लाख के इनामी बदमाश आदेश को मार गिराया। आदेश का वेस्ट यूपी में आतंक था।

एसटीएफ के सीओ ब्रिजेश कुमार सिंह ने बताया कि देर रात एसटीएफ को एक बदमाश की लोकेशन रुड़की रोड पर मिली। बदमाश अपने साथी के साथ हाईवे पर किसी वारदात को अंजाम देने वाला था। एसटीएफ की टीम ने बदमाश का पीछा किया। साथ ही, पूरे जोन को अलर्ट कर दिया गया। बाइक पर सवार बदमाश का पीछा करते हुए एसटीएफ की टीम मुजफ्फरनगर के मीरापुर तक पहुंच गई। मीरापुर पुलिस के अलर्ट रहने पर बदमाश की घेराबंदी की गई। खुद को घिरा देख बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी।

एक गोली एसटीएफ के सिपाही के हाथ को छूकर निकल गई। एसटीएफ की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के सीने में गोली लग गई, जबकि उसका साथी भाग निकला। घायल बदमाश को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सीओ ब्रिजेश सिंह के मुताबिक, बदमाश की पहचान एक लाख के इनामी आदेश बालियान पुत्र ब्रह्मपाल निवासी भौराखूर्द मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। आदेश का वेस्ट यूपी में आतंक था। आदेश पर तीस से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। बदमाश के कब्जे से दो पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं।

ट्रेन से कूद कर भागा था कुख्यात

23 अप्रैल, 2016 को दिल्ली रोहिणी कोर्ट की पेशी के बाद आदेश बालियान बरेली जाते समय इंटरसिटी ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था। गजरौला पुलिस ने उसे 24 घंटे के अंदर ही पकड़ लिया था। इस घटना के बाद आदेश को ले जाने वाले पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई भी की गई थी। उसकी धरपकड़ के बाद सिपाहियों को थाने से जमानत पर छोड़ा गया था।

आदेश का भाई हरीश भी दो लाख का इनामी

मुजफ्फरनगर के मीरापुर इलाके में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया एक लाख का इनामी बदमाश आदेश बालियान गांव की खूनी रंजिश के चलते अपराध की दुनिया में कूद पड़ा था। करीब 13 साल पहले मामूली विवाद को लेकर शुरू हुई रंजिश दोनों पक्षों के करीब 40 लोगों की जान ले चुकी है। आदेश भी कई हत्याओं में शामिल रहा है।भोराखुर्द गांव में वर्ष 2006 में एक चबूतरे के विवाद को लेकर शोभाराम और सतीश पक्ष में रंजिश शुरू हुई थी। इस रंजिश में दोनों पक्षों के करीब 40 लोग मारे जा चुके हैं। मुठभेड़ में मारा गया आदेश बालियान हिस्ट्रीशीटर सतीश का भाई था। सतीश भी मारा जा चुका है।

दूसरे पक्ष के शोभाराम का बेटा जितेंद्र भी पीएसी की नौकरी छोड़कर अपराधी बन गया था। बाद में जितेंद्र भी मारा गया। यह अलग बात है कि पिछले 2-3 साल से रंजिश में कोई हत्या नहीं हुई। दोनों पक्ष शांत हैं। आदेश के बारे में बताया गया है कि योगी सरकार के भय से वह लोनी में जाकर छिपा हुआ था। हालांकि, एसटीएफ काफी समय से उसके पीछे लगी हुई थी। आदेश का भाई हरीश भी इनामी बदमाश है। उस पर दो लाख का इनाम है। पुलिस उसकी भी तलाश में जुटी है।

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Posted By: Umesh Tiwari