संभल, जागरण संवाददाता। Life imprisonment for misdeed: अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट ने सात वर्ष की बालिका से दुष्कर्म के मामले में दोषी युवक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही कोर्ट ने आरोपित पर 25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है। करीब साढ़े चार साल पुराना यह मामला गुन्‍नौर थाना क्षेत्र के एक गांव का है। 

9 अप्रैल 2018 गुन्नौर क्षेत्र के एक गांव निवासी परिवार के लोग खेत पर गए हुए थे। घर पर बच्चे ही थे। गांव का ही एक युवक उनके घर पर आया और सात वर्षीय बच्ची को बहला-फुसलाकर जंगल में ले गया। शाम को स्वजन घर पहुंचे तो बच्ची के गायब होने की जानकारी हुई। स्वजन ने किशोरी को तलाश किया तो वह उनको एक खेत में मंदिर के पास रोते हुए बदहवास हालत में मिली।

बच्‍ची ने बताया था दोषी का नाम

स्वजन के पूछने पर बालिका ने युवक का नाम बताते हुए खुद के साथ दुष्कर्म करने की बात कही। किशोरी को गुन्नौर के अस्पताल में भर्ती कराया, जहां से डाक्टर ने हालत गंभीर होने पर अलीगढ़ के लिए रेफर कर दिया। बच्‍ची के उपचार के बाद स्वजन ने आरोपित के खिलाफ गुन्नौर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई।

चंदौसी कोर्ट में चल रही थी सुनवाई

तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपित के खिलाफ दुष्कर्म व पाक्सो एक्ट की धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया। पुलिस ने आरोपित को पकड़ कर जेल भेज दिया। उसके बाद मामला अपर जिला एव सत्र न्यायाधीश  पाक्सो एक्ट संभल स्थित चंदौसी की कोर्ट में चल रहा था। जहां पर शनिवार को न्यायाधीश निर्भय नारायण राय ने बचाव एवं अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद आरोपित को दोषी करार दिया।

25 हजार रुपये लगाया जुर्माना

अदालत ने दुष्कर्म के दोषी थाना गुन्नौर क्षेत्र के गांव विजुआ नगला निवासी भूपेंद्र उर्फ बाबू को आजीवन कारावास की कठोर सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक पाक्‍सो आदित्य कुमार ने पैरवी की।

Edited By: Vivek Bajpai

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