मुरादाबाद (रईस शेख): धरती की कोख में जितना भी जल है इसका लगभग 70 फीसद फसलों की सिंचाई के काम आता है। 30 फीसद जल का इस्तेमाल ही पेयजल के रूप में किया जाता है। अतिदोहन से धरती मा की कोख भी सूखी होती जा रही है। हर साल जल स्तर का ग्राफ नीचे जा रहा है। साठा धान की फसल की बोआई से भूगर्भ जल की स्थिति और भी बदतर हुई है। दूसरे राज्यों पर रोपाई पर लगा प्रतिबंध

भूगर्भ जल स्तर गिरने से हरियाणा व पंजाब में साठा धान की खेती पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। लेकिन यूपी में इसका चलन बढऩे लगा है। मुरादाबाद जनपद में ही कमोबेश आठ हजार हेक्टेयर में साठा धान की रोपाई की गई है। स्थिति है बेहद चिंताजनक

जल संचय न होने से बरसात का 80-85 फीसद पानी नालियों व नदियों से गुजरता हुआ समुद्र में पहुंच जाता है। यानी धरती की कोख में सूखी रह जाती है। तालाबों पर अवैध कब्जा होने से हर साल औसतन दस से 50 सेमी. पानी नीचे खिसक जाता है। अनेक क्षेत्रों में स्थिति और भी दुखद है। अवैध कब्जों से बिगड़े हालात

तालाबों पर अवैध कब्जा होने से जल संचयन की मात्रा हर साल कम होती जा रही है। भोला सिंह की मिलक में भी तालाब पर अवैध कब्जा होने से ग्रामीणों की परेशानी बढ़ी है। मुमताज हुसैन कहते हैं कि अदालत के आदेश के बावजूद अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। दी जा रही है चेतावनी

गाव देहात व शहर में रात्रि चौपाल के जरिए भी तालाबों पर अवैध कब्जा न करने की चेतावनी दी जा रही है। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

केके सिंह, जिला विकास अधिकारी

By Jagran