रामपुर, जागरण संवाददाता। शहर विधायक आजम खां के खिलाफ यतीमखाना बस्ती प्रकरण के दो मुकदमों में शनिवार को सुनवाई हुई। दोनों मुकदमों के वादी गवाही के लिए कोर्ट पहुंचे। इनमें एक मुकदमे में गवाह शाकिर पुत्र भूरा ने अदालत में बयान दर्ज कराए, जिसमें पुलिस को पूर्व में दिए बयानों का समर्थन करते हुए कहा कि सपाई पुलिस फोर्स के साथ बस्ती खाली कराने आए थे। वे कह रहे थे कि उन्हें आजम खां ने भेजा है। यहां आजम खां का स्कूल बनेगा। बाद में पुलिस फोर्स की मदद से बस्ती के लोगों को घरों से मारपीटकर निकाल दिया। उनके रूपये, जेवर आदि सामान लूट लिया। जानवरों को भी खोलकर ले गए थे। वादी के बयान पूरे हो गए। इसके अलावा दूसरे मुकदमे के वादी कमर उर्फ पप्पू भी गवाही के लिए कोर्ट पहुंचे। उनके बयान पहले हो चुके हैं। उनसे जिरह होनी है, जिसके लिए अदालत ने आठ जुलाई नियत की है।

शहर कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला सराय गेट के निकट स्थित यतीमखाना बस्ती को वर्ष 2016 में खाली कराया गया था। तब प्रदेश में सपा की सरकार थी। इसके बाद भाजपा सरकार आने पर वर्ष 2019 में बस्ती के लोगों ने शहर कोतवाली में 12 मुकदमे दर्ज कराए थे। इन मुकदमों में शहर विधायक आजम खां, सेवानिवृत्त सीओ आले हसन खां, सपा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल, इस्लाम ठेकेदार आदि को नामजद किया था। सभी मुकदमों में आजम खां की जमानत अर्जी मंजूर हो चुकी है। मुकदमे की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में चल रही है। इनमें तीन मुकदमों में आरोप तय हो चुके हैं। तीनों मुकदमे गवाही पर आ गए हैं।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कमल कुमार गुप्ता ने बताया कि शनिवार को दो मुकदमों में सुनवाई हुई। पहली गवाही दोनों मुकदमों के वादी की हुई है। गवाह शाकिर ने अपने बयान में अदालत को बताया कि आजम खां के इशारे पर बस्ती को जबरन खाली कराया गया था। बस्ती में आए सपाई और पुलिस वालों का कहना था कि आजम खां यहां स्कूल बनाना चाहते हैं, इसलिए बस्ती खाली करनी होगी। इसके बाद हम लोगों को मारपीट कर घर से निकाल दिया। सामान लूट लिया और घरों को तोड़ दिया। गवाह के बयान और जिरह दोनों हो गई है। अन्य मुकदमे में गवाह कमर उर्फ पप्पू से जिरह पूरी नहीं हो सकी है। दोनों ही मुकदमों में अदालत अब आठ जुलाई को सुनवाई करेगी।

Edited By: Vivek Bajpai