मुरादाबाद : अब महानगर के अंदर बसों को जहा मर्जी रुकवाकर उतर या चढ़ नहीं पाएंगे। रोडवेज की बसों को रुकने के लिए स्थान निर्धारित किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले चालक व परिचालक को दंडित किया जाएगा। यह व्यवस्था शहर में इसी सोमवार से लागू हो जाएगी। महानगर में जाम लगने की समस्या के पीछे बड़ा कारण भारी वाहन हैं। बीच रास्ते में बसों व अन्य वाहनों को रोककर यात्रियों को उतराने व चढ़ाने से जाम की समस्या बढ़ जाती है। कई बार जाम की समस्या के कारण जिला प्रशासन बसों के शहर के अंदर आने पर रोक लगा देता है। अड्डे तक बसें नहीं पहुंचने से यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोडवेज की भी नुकसान होता है। मुख्यालय के आदेश पर रोडवेज प्रशासन ने ट्रैफिक पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान खोज लिया है।

रुकने के लिए जगह की गई निर्धारित

अब महानगर के अंदर आने वाली बसों के रुकने के लिए स्थान निर्धारित कर दिए हैं। अन्य स्थानों पर बसों को नहीं रोका जाएगा। त्योहार व भीड़ के समय भी रोडवेज की बसें मुरादाबाद बस अड्डा और पीतल नगरी बस अड्डे से चलाई जाएंगी। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले बस चालक व परिचालक को दंडित किया जाएगा। मुरादाबाद और पीतल नगरी डिपो के पास लगभग 80 बसें हैं। जबकि 400 बसें अन्य प्रदेशों की शहर से होकर गुजरती हैं। इतनी बसों के शहर में जगह-जगह रुकने से जाम लगता है। सोमवार से लागू हो चुकी है व्यवस्था

महानगर को जाम से बचाने और बसों को बस अड्डे से चलाने की योजना बनाई है। बस चालकों को महानगर में बसें कहा रोकनी हैं इसकी जानकारी दी जा रही है। रोडवेज की बसें नियमित रूप से बस अड्डे से संचालित की जाएंगी। यह व्यवस्था सोमवार से लागू हो चुकी है।

-एसके शर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक, परिवहन निगम इन स्थानों पर रुकेंगी बसें

तहसील आफिस के पास, पीलीकोठी चौराहे से पहले, रेलवे स्टेशन से पहले बने बस स्टाप पर, पीतल नगरी बस अड्डे पर , हनुमान मूर्ति तिराहे के आगे, ट्रासपोर्ट नगर, चौधरी चरण सिंह चौराहे के पहले बसों को रोककर यात्रियों को उतारा या चढ़ाया जाएगा। 25 से कम यात्री होने पर नहीं चलेंगी बसें

रोडवेज प्रशासन ने घाटा कम करने के लिए नया तरीका अपनाया है। अब 25 से कम यात्रियों के होते ही बस रुक जाएगी। वहीं सुबह व रात में बसों को चलाना काफी कम कर दिया है। बाढ़ व बरसात के कारण यात्रियों ने घरों से निकलना कम कर दिया है। बाढ़ के पानी में फंस कर लोग बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। इसका असर रोडवेज की आमदनी पर पड़ा है। मुरादाबाद मंडल में प्रत्येक दिन रोडवेज को आय 80 लाख रुपये होती थी, जो घटकर 45 लाख रुपये पर पहुंच गई। हालत यह है कि अक्टूबर माह में रोडवेज के कर्मियों को वेतन भी समय से नहीं मिल पाएगा। इसके बाद भी रोडवेज ने बसों को चलना बंद नहीं किया है, लेकिन बसों की संख्या कम कर दी है। रोडवेज प्रशासन ने आदेश दिया है कि न्यूनतम 25 यात्री होने के बाद ही बसों को चलाए। बीच रास्ते में यात्रियों के उतरने से यात्री की संख्या घटकर 25 से कम हो जाए तो बस को रोक दे और दो-तीन बसों के यात्रियों को एक बस में बैठाकर गतंव्य को भेजे। घाटे से उबरने का किया जा रहा है प्रयास

क्षेत्रीय प्रबंधक एसके शर्मा ने बताया कि बाढ़ व बरसात के कारण बसों में यात्री कम हो गए हैं। घाटे से बचने के लिए 25 यात्री होने पर ही बसें चलने का आदेश मुख्यालय ने दिया है।

Posted By: Jagran