मुरादाबाद। थाना पाकबड़ा के रतनपुर कलां में झोलाछाप ने अवैध संबंधों के शक में पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और बीमारी से मौत होने की बात कहने लगा। महिला के मायके वाले आए तो उसने भागने की कोशिश की। इस पर उसे दौड़ाकर पकड़ लिया और पिटाई कर पुलिस को सौैंप दिया। 

बच्चों ने बता दी सारी हकीकत 

ग्राम रतनपुर कलां निवासी अकरम की गांव में हड्डी वाले बाबा के नाम से पहचान है। वह झोलाछाप भी है। शुक्रवार की शाम छह बजे उसने पत्नी फरजाना (32) की पिटाई शुरू कर दी। विरोध करने पर गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस व लोगों को गुमराह करने के लिए वह फरजाना के शव को गांव के ही एक चिकित्सक के पास ले गया और शोर मचाने लगा कि बुखार में डॉक्टर के इंजेक्शन लगाने से फरजाना की मौत हो गई। फरजाना के मायके वाले देर शाम जैसे ही ठाकुरद्वारा के रतुुपुरा गांव से पहुंचे उन्हें फरजाना के बच्चों ने सारी हकीकत बता दी। 

पोल खुलने पर भागने लगा 

पोल खुलने पर अकरम भागने लगा। फरजाना के मायके वालों ने उसे दौड़ाकर पकडऩे के बाद पीटना शुरू कर दिया। पुलिस के पहुंचने पर फरजाना के परिजनों ने आरोपित को सौैंप दिया। ग्रामीणों के मुताबिक अकरम पत्नी पर शक करता था। अकरम ने पुलिस को बताया कि वह शादी के बाद सोनीपत, हरियाणा में कालीन का काम करने गया था। वहां उसने पत्नी को एक व्यक्ति के साथ देख लिया था। वह पत्नी को मायके भी नहीं भेजता था। वहां भी उसे फरजाना के परिवार के व्यक्ति से ही उसके संबंध होने का शक था। एसपी सिटी अमित कुमार आनंद ने बताया कि महिला के पति का कहना है कि वह बीमार थी। परिवार वाले हत्या का आरोप लगा रहे हैैं। पोस्टमार्टम होने के बाद ही मौत की वजह का पता लग पाएगा। इसके मुताबिक आरोपित के खिलाफ आगे की कार्रवाई होगी। 

हड्डी वाले बाबा की तीसरी बीवी थी फरजाना 

मुरादाबाद: रतनपुर कलां गांव का अकरम उर्फ हड्डी वाला बाबा अय्याश किस्म का था। फरजाना उसकी तीसरी पत्नी थी। पत्नी को वह मायके तक नहीं जाने देता था। घर में भी बाबा पत्नी को नजरबंद रखता था। किसी गैर मर्द से पत्नी का बोलना तो दूर उसके सामने आने तक की इजाजत नहीं थी।

 25 साल पहले आसमा से की थी शादी 

अकरम की पहली शादी 25 साल पहले आसमा के साथ हुई। उसकी कैंसर से मौत हो गई। इसके बाद अकरम ने सलमा से निकाह किया। अकरम के व्यवहार से तंग आकर सलमा उसे छोड़कर चली गई थी। उसने अकरम पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। बात पुलिस तक भी गई थी। इसके बाद सात साल पहले उसने ठाकुरद्वारा थाने के रतुपुरा निवासी निजामुद्दीन की बेटी फरजाना से तीसरा निकाह किया। पहली पत्नी का एक बच्चा है। चार मासूम बच्चे फरजाना से हैैं। ननिहाल वाले फिलहाल बच्चों को अपने साथ रखे हुए हैैं। 

 कसाई है इसे छोडऩा मत.. 

हत्या की सूचना पर पुलिस अकरम से घर पहुंची तो उसकी मां भी उसके साथ नहीं खड़ी थी। पुलिस जैसे ही उसे लेकर थाने की तरफ बढ़ी अकरम की मां ही चीख पड़ी। कहने लगी इसे छोडऩा मत कसाई है। आरोपित आए दिन पत्नी को पीटता था। आज भी उसने पत्नी को बेरहमी से पीटा था। 

  हड्डी का इलाज करता था अकरम 

अकरम हड्डी टूटने पर उसे जोडऩे का इलाज करता है। आसपास के गांव के लोग उसके पास इलाज कराने आते थे। चेहरे पर दाड़ी है, इसलिए खुद को हड्डी वाला बाबा कहलाने लगा था।  

Posted By: Narendra Kumar

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस