मुरादाबाद, जेएनएन। गुरुवार को मूर्ति विसर्जन के दौरान एक किशोर समेत दो रामगंगा नदी में डूब गए। घटना से आक्रोशित भीड़ ने रामगंगा पुल पर जाम लगा दिया। रामपुर रोड पर जाम लगने से दोनों तरफ से वाहनों की कतार लग गईं। पुलिस गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश कर रही है, लेकिन किसी का पता नहीं लगा है। 

थाना कटघर क्षेत्र स्थित बलदेवपुरी कमला बिहार निवासी योगेश (18) पुत्र हरिवंश गुरुवार शाम को मूर्ति विसर्जन में शामिल होने घर से निकला। वह मुहल्ले के लोगों व दोस्तों के साथ बलदेवपुरी तिराहे पर पहुंचा। वहां से मूर्ति विसर्जन का जुलूस निकला। कुछ ही देर में जुलूस रामगंगा के तट पहुंचा। वहां मूर्ति विसर्जन के दौरान दोस्तों के साथ योगेश भी रामगंगा में उतर गया। मूर्ति लेकर युवक नदी में गहरे पानी में गए तो वह भी उनके साथ था। नदी के अंदर गहरे पानी में जाकर योगेश डूबने लगा। युवक को डूबता देख उसके दोस्तों ने शोर मचाया। देखते-देखते योगेश लापता हो गया। इसी के बीच युवक को बचाने की कवायद शुरू हुई। थाना प्रभारी के नेतृत्व में गोताखोरों की टीम रामगंगा के तट पर पहुंची। दर्जनों युवक रामगंगा में योगेश की तलाश में जुटे। युवक की तलाश होने लगी। इसी बीच पीतलबस्ती की रहने वाली संतोष देवी  पत्नी राकेश शर्मा भी रामगंगा किनारे पहुंच गई। संतोष ने बताया कि उनका बेटा अमन शर्मा (12) भी लापता है। अमन भी विसर्जन यात्रा में शामिल होने के लिए घर से निकला था। बताया जा रहा है कि अमन नदी के तट पर आया था और पैर फिसलने से नदी गिरा था, इसके बाद उसका पता नहीं चला। रात करीब नौ बजे योगेश के परिजनों के सब्र का बांध टूट गया। उन्होंने घटना में प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर भीड़ के साथ रामगंगा पुल पर जाम लगा दिया। मुरादाबाद-रामपुर मुख्य मार्ग जाम हो गया। इससे रामगंगा पुल पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। प्रशासन ने नदी में नाव भेज दी। दोनों की तलाश की जा रही है, लेकिन देर रात तक कोई नहीं मिल पाया। 

समय के साथ ही बढ़ता गया गुस्सा

मूर्ति विसर्जन के दौरान रामगंगा तट पर जमा भीड़ का आक्रोश यूं नहीं फूटा। गणेश विसर्जन के लिए हर दिन सैकड़ों की संख्या में पहुंच रहे लोगों की संख्या में पुलिस के पुख्ता इंतजाम तक नहीं किए थे साथ ही तत्परता की कमी ने भीड़ को झकझोर कर रख दिया। योगेश की तलाश में समय जितना ही आगे बढ़ रहा था, उतना ही भीड़ का गुस्सा बढ़ता गया। भीड़ का आरोप था कि पुलिस ने बचाव के पर्याप्त इंतजाम मौके पर नहीं किए थे। हालांकि थाना प्रभारी कटघर ने बताया कि मूर्ति विसर्जन के मद्देनजर गोताखोर नदी तट पर तैनात थे। इसके बाद भी योगेश को समय रहते क्यों नहीं बचाया जा सका? इसका जवाब देने में वह विफल रहे। 

दोस्त ने ई-रिक्शा से उतार लिया था

योगेश के बहनोई डॉ. पीपी सिंह का जयंतीपुर में क्लीनिक हैं। योगेश एमएच डिग्री कालेज में बीए प्रथम ïïवर्ष का छात्र है। वह पढ़ाई के साथ अपने बहनोई के पास काम सीखने भी जाता था। बड़े भाई अक्षय कुमार ने बताया कि योगेश बहनोई के पास जाने को घर से निकलकर ई-रिक्शा पर सवार हो गया था। उसके दोस्त सचिन ने हाथ पकड़कर उतार लिया और अपने साथ मूर्ति विसर्जन यात्रा में ले गया। घटना से योगेश की मां सावित्री देवी, बहन पूजा का बेहद सदमे में है। 

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