नौगावां सादात (अमरोहा) : खेतों में फसल अवशेष जलाने वाले सेटेलाइट की पकड़ में आ रहे हैं और अफसर, उनकी क्‍या। वह तो किसी को नजर नहीं आते। मुकदमा हो रहा है तो किसान पर। ऐसा ही एक मामला नौगावां सादात काेतवाली का है। यहां थाने के गेट पर ही एक घंटे तक क्विंटल से ज्यादा कूड़ा करकट जलाया गया, किसी को नहीं दिखा। न अफसरों को, न सेटेलाइट को।

कोतवाली गेट के पास जलाया कचरा

बुधवार को कोतवाली की साफ-सफाई में निकले कचरे को गेट के दाहिनी तरफ एकत्र कर आग लगा दी गई। करीब एक घंटे तक कूड़ा जलता रहा, धुआं उठता रहा। किसी पुलिसकर्मी को नहीं दिखा। तीन-चार फर्लांग की दूरी पर मौजूद उपजिलाधिकारी कार्यालय में भी किसी को नहीं लगा कि यह अपराध हो रहा है।

...तो निरीक्षण करने गए थे एसडीएम 

जबकि नौगावां के उपजिलाधिकारी धुएं को लेकर काफी सजग रहते हैं। 19 नवंबर को वे गांव चमरौवा में गन्ना तौल का निरीक्षण करने गए थे। उन्हें वहां से करीब एक किमी दूर गांव फौलादपुर के जंगलों में धुआं उठते दिख गया था, उन्होंने वहीं जाकर किसान वीरेंद्र सिंह का फोटो खींचा और तहसील तलब कर ढाई हजार रुपये जुर्माना किया था।

ग्रामीण पर दर्ज किया गया फसल के अवशेष जलाने का मुकदमा 

इसी प्रकार 16 नवंबर को अमरोहा के गांव जलालपुर नारायण के धर्मपाल व धनौरा के गंगापुरी के खिलाफ फसल अवशेष जलाने में मुकदमा दर्ज कर दिया गया था। सेटेलाइट की तस्वीरों के आधार पर डिडौली कोतवाली क्षेत्र के जोजखेड़ा में किसान विजय सिंह व अम्हेड़ा में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा लिखा गया।

थानाध्यक्ष के खिलाफ हो मुकदमा 

भाकियू भानू गुट के उपाध्यक्ष चौधरी विजय सिंह  का कहना है कि थानाध्यक्ष के खिलाफ मुकदमा दर्ज होना चाहिए, क्योंकि कानून की नजरों में तो सब बराबर हैं। नहीं तो किसानों के मुकदमे भी वापस होने चाहिए। कहा कि वह जिलाधिकारी को थानाध्यक्ष के खिलाफ मुकदमे की तहरीर देंगे।

बीड़ी से लगी होगी आग 

कोतवाल अजय कुमार का कहना है कि वह उस समय कोतवाली में नहीं थे, किसी ने बीड़ी फेंक दी होगी। उसी से आग लगी होगी। उधर, उपजिलाधिकारी इंद्र नंदन सिंह का कहना है कि वे नगर पंचायत को फोटो भेजकर कार्रवाई के लिए लिख रहे हैं।

Posted By: Narendra Kumar

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