मुरादाबाद, जेएनएन। पानी की बर्बादी घर-घर हो रही है। हम व्यक्तिगत रूप से पानी खर्च करने के मानकों को नहीं समझ पा रहे हैं। अनाप-शनाप पानी की बर्बादी करने में लगे हैं। प्रति व्यक्ति एक दिन में करीब 500 लीटर पानी की खपत करता है लेकिन, थोड़ा सा पानी की बचत के प्रति जागरूक होंगे तो इस खपत को कम कर सकते हैं। पानी की बर्बादी के दुष्परिणाम सामने आ रहे हैं। छजलैट, डिलारी और बिलारी में भूगर्भ जल का स्तर नीचे जा रहे हैं। लेकिन, आम आदमी यही सोचता है कि मेरे बर्बाद करने से पानी की कमी नहीं होने वाली।

दरअसल, हर आदमी यही सोचता है। जिससे हम सैकड़ों लीटर पानी प्रतिदिन बर्बाद कर देते हैं। शौचालय, नहाने, कपड़े धोने, फर्श व वाहनों की धुलाई, पौधों की सिंचाई समेत अन्य कामों में खर्च कर देते हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ लगातार कई सालों से घर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए अभियान चलाए हैं। वर्कशाप, नवरात्र मेला, रामगंगा चौपाल जैसे आयोजन करके पानी की बर्बादी को कैसे रोका जाए। इसको लेकर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की टीम वाटर फुट प्रिंट के माध्यम से पानी की बचत के तरीकों को समझाया जा रहा है। सरकार विभागों में जैसे मुरादाबाद विकास प्राधिकरण, नगर निगम के साथ मिलकर भी कार्यशाला आयोजित करते आ रहे हैं।

पानी की ऐसे करें बचत : टेप को खुला छोड़कर ब्रश करने में 40 लीटर बर्बाद हो जाता है। ल‍िहाजा टेप खुला न छोड़ें, टेप खुला छोड़कर नहाने में दस मिनट में 264 लीटर पानी खराब हो जाता है, ल‍िहाजा बाल्टी से नहाएं, भरने पर टेप बंद करें। शौचालय में पांच लीटर के फ्लश यूज करें।

इस प्रकार सहेज सकते हैं भूगर्भ जल : वर्षा का पानी घरों की छत पर संचय करके प्रयोग करें। साफ पानी को गंदा करें, घर के काम में लाएं।  आवासों में कच्चा एरिया जरूर रखना चाहिए। पानी बचाने वालों को प्रोत्साहित करना जरूरी है। तालाबों की खोदाई होनी चाहिए। पानी को रिसाइकिल करके शौचालय व धुलाई में लाएं।

घर में सबसे ज्यादा पानी बर्बाद होता है। प्रति व्यक्ति एक दिन में करीब 500 लीटर पानी प्रयोग करता है लेकिन, इसको हम वाटर फुट प्रिंट के मानकों के तहत प्रयोग करेंगे तो दो से 250 लीटर पानी की बचत कर सकते हैं।

नेहा भटनागर, जिला समन्वयक, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ 

Edited By: Narendra Kumar