मुरादाबाद : शनिवार को मुजफ्फरनगर के पास स्थित खतौली रेलवे स्टेशन के नजदीक उत्कल-कलिंग एक्सप्रेस के 12 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। कई एक-दूसरे पर चढ़ गए जबकि एक डिब्बा पास के मकान में घुस गया था। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की फील्ड यूनिट को जांच के लिए लगाया गया।

गाजियाबाद की टीम डिप्टी डायरेक्टर सुधीर कुमार के नेतृत्व में मौके पर पहुंच हर एंगिल से जांच शुरू की। मुरादाबाद की फोरेंसिक टीम से प्रभारी फील्ड यूनिट संजय कुमार, चालक राजकुमार, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. उदय प्रताप सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी अनिल कुमार दीक्षित, वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. अमरेंद्र सक्सेना भी घटनास्थल पर पहुंचे। जबकि मुजफ्फरनगर की टीम डॉ. हरेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंची थी। मुरादाबाद टीम ने 20 अज्ञात शवों के डीएनए और अंगुलियों के छाप छाप लिए थे। सभी को आधार कार्ड के साफ्टवेयर में डाला और कुछ ही घंटों में 18 शवों की शिनाख्त हो गई। कुछ शवों को सम्मान के साथ फोरेंसिक टीमों ने अपने वाहनों से उनके घर पहुंचाया। जबकि कुछ को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

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15 दिन में मिल रही है विसरा की रिपोर्ट

पीएसी परिसर में बनी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अत्याधुनिक लैब में आठ सेक्शन हैं। इसमें ब्लड, सेरेलोजी, बायोलॉजी, टोक्सिकोलॉजी, फिजिकल, हैंड राइटिंग, कैमिस्ट्री और साइबर सेल सेक्शन हैं। जांच के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश से विसरा यहीं आने लगा है। स्टाफ कम होने के बावजूद कम समय में ही जांच पूरी कर पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर टीम के लोग चलते हैं। पूरे मंडल में छोटी-बड़ी हर घटनाओं में साक्ष्य संकलन के लिए टीम पहुंचती है।

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वर्जन

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर टीम मुजफ्फरनगर गई थी। जहां 20 नमूने लिए गए थे। 18 शवों की शिनाख्त कराकर टीम ने उनके परिजनों को इसकी सूचना दे दी है।

संजय कुमार, प्रभारी फील्ड यूनिट

Edited By: Jagran