मुरादाबाद: हड्डी की अधिकाश बीमारी का इलाज फिजियोथैरेपी में है। यह लकवा के कारण कमजोर हो चुकी मासपेशी व नस को सक्त्रिय कर देती है। फिजियोथैरेपी रामबाण की तरह काम करती है। आज है विश्व फिजियोथैरेपी दिवस

शनिवार को विश्व फिजियोथैरेपी दिवस है। फिजियोथैरेपी बिना दवा इलाज करने का तरीका है। इसमें व्यायाम कराया जाए जाता है। हड्डी, मासपेशी, नसों का इलाज किया जाता है। इसके माध्यम से हड्डी के सभी प्रकार की दर्द को दूर किया जा सकता है। लकवा हो जाने के बाद रोगी के मासपेशी व नसें काम करना बंद कर देती हैं। फिजियोथैरेपी के द्वारा मासपेशी व नस को सक्त्रिय किया जाता है। बदले लाइफ स्टाइल के कारण लोग तनाव में रहते हैं। इससे कई प्रकार की परेशानी होती है। विशेषज्ञ के राय पर ही कराएं फिजियोथैरेपी : डॉ. शेर सिंह

हड्डी, मासपेशी, नस की बीमारी का इलाज फिजियोथैरेपी से किया जाता है। प्रत्येक बीमारी के लिए अलग-अलग तरह से फिजियोथैरेपी की जाती है। विशेषज्ञ के राय पर ही फिजियोथैरेपी करानी चाहिए।

डॉ. शेर सिंह कक्कड़, वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल पूरी तरह ठीक हो जाता है रोगी : डा. गौरव

भागदौड़ भरी जिंदगी में गर्दन दर्द, कमर दर्द, घुटनों में दर्द, पैरालीसिस जैसी समस्या आम हो गई है। दर्द निवारक दवाइयों के बिना ही फिजियोथैरेपी से इस समस्या से निजात पाई जा सकती है। इससे रोगी पूरी तरह से ठीक हो जाता है।

डॉ. गौरव सिरोही काफी सरल है प्रक्त्रिया : डॉ. स्वेच्छा

फिजियोथैरेपी सरल प्रक्त्रिया है, इस पर बहुत अधिक खर्च नहीं होता है। गरीब और अमीर दोनों ही फिजियोथैरेपी के माध्यम से इलाज करा सकते हैं। इस चिकित्सा पद्धति से रोगी को दर्द से स्थायी रूप से मुक्ति मिल जाती है।

डॉ. स्वेच्छा विश्नोई कम खर्च में पा सकते हैं छुटकारा : डॉ. राहुल

हाई ब्लड प्रेशर की तरह गर्दन व कमर दर्द से लोग परेशान हैं। चिकित्सक इनके इलाज पर काफी खर्च बताते हैं। कम खर्च में फिजियोथैरेपी द्वारा इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।

डॉ. राहुल

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