जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। Moradabad Weather News : मानसून की विदाई के समय बारिश सभी को चौंका रही है। 15 सितंबर के बाद मानसून की विदाई मानी जाती है। अब तीन दिनों से घने बादल छाए हुए हैं और कभी तेज तो कभी फुहार के साथ वर्षा हो रही है। शाम को चार बजे कुछ देर के लिए धूप भी खिली।

तीन दिन की बारिश से हवा में ठंडक

तीन दिन घने बादल छाने के साथ ठंडी हवा भी चल रही है। रविवार को भी बादल छाने व बारिश होने की संभावना है। सोमवार से मौसम साफ रहने का अनुमान है। तापमान में भी एक सप्ताह में गिरावट आई है। शुक्रवार-शनिवार को 24 घंटे में 37 मिमी बारिश हुई है। शनिवार दोपहर को दस मिनट के लिए तेज बारिश हुई। सुबह में कुछ देर के लिए फुहार पड़ी।

फुहार और झमाझम बारिश 

पुराने शहर में दोपहर एक बजे तेज बारिश हुई। जिससे स्कूल की छुट्टी के समय बच्चे भीग गए। कुछ बच्चे बारिश में भीगते हुए मौज मस्ती करते भी नजर आए। लाइनपार, दिल्ली रोड, रामपुर रोड, रामपुर रोड भी दिन भर कभी फुहार तो कभी कुछ मिनट के लिए तेज बारिश हुई। लगातार बारिश नहीं होने से मौसम की अजब-गजब की स्थिति रही। यही स्थित शाम चार से छह बजे के बीच भी रही। 

बारिश व हवा से तापमान में गिरावट 

ठंडी हवा चलने से अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस, न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रही। पिछले एक सप्ताह में तापमान आठ डिग्री सेल्सियस तक नीचे आया है। पहले 36-37 डिग्री तक पहुंच गया था। आर्द्रता भी अधिकतम 96 फीसद रही। मौसम खुशगवार होने से उमस खत्म हो गई है। एसी भी लोगों ने स्वास्थ की दृष्टि से लोग कम चला रहे हैं। कई दिनों से हवा चलने से हलकी ठंड का एहसास हो रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 15 अक्टूबर के बाद गुलाबी सर्दी पड़ने लगेगी।

बारिश से फसलों को फायदा और नुकसान 

कृषि विशेषज्ञ डा. आरके सिंह कहते हैं कि इस मौसम की बारिश से फसल के लिए फायदे व नुकसान दोनों हैं। पिछाई धान की फसल जिनकी बाली नहीं निकली है, उसे फायदा है। लेकिन, धान की बाली निकलने की स्थिति में नुकसान है। हवा और बारिश से धान की फसल गिरने से पैदामार मारी जाएगी। दूसरा यह मौसम सर्दी के सीजन की सब्जी की बुआई का भी है। खेत में पानी भरने से बीज गल जाएगा। इसके अलावा गन्ना की फसल के लिए बारिश फायदेमंद है।

Edited By: Samanvay Pandey

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