तुम दारोगा हो तो हम भी हेड कांस्टेबल के बेटे हैं..., मुरादाबाद में पुलिस वाले के बेटों ने दरोगा को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा!
मुरादाबाद में स्कूटी-बाइक की टक्कर के बाद अमरोहा में तैनात हेड कांस्टेबल के बेटों ने साइबर सेल के दारोगा अंकुर ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
स्कूटी व बाइक की टक्कर से उपजा विवाद, अमरोहा में तैनात है आरोपित पुलिसकर्मी
वारदात के 24 घंटे बाद भी नहीं लिखी गई प्राथमिकी, मेडिकल के बाद कराया समझौता
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। स्कूटी की टक्कर अमरोहा में तैनात हेड कांस्टेबल के बेटों को इतनी नागवार गुजरी कि साइबर सेल में तैनात दारोगा को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। दारोगा बार-बार खुद के बारे में बताता रहा, मगर हेड कांस्टेबल के बेटे नहीं माने। दुस्साहस इस कदर बढ़ा हुआ था कि कहा कि तुम दारोगा हो तो हम भी हेड कांस्टेबल के बेटे हैं और जमकर पीटा जिसमें दारोगा को चोटें आईं। बेटों के इस दुस्साहस पर मौजूद हेड कांस्टेबल कुछ भी नहीं बोला और दारोगा को पिटता देखता रहा।
आस-पास के लोगों के हस्तक्षेप करने पर जैसे-तैसे दारोगा आरोपितों के चंगुल से छूटा। दारोगा के पिटने की जानकारी से अफरा-तफरी मच गईं। बेटों के बचाव में हेड कांस्टेबल भी पहुंच गया। पीड़ित दारोगा का मेडिकल कराया गया। मगर, पुलिसकर्मियों का ही मामला होने के चलते प्राथमिकी नहीं लिखी गई और मामले को रफा-दफा कर दिया गया। घटना के बाद से दारोगा का नंबर बंद है।
साइबर थाने में तैनात दारोगा अंकुर सिंह नया मुरादाबाद में रहते है। यहीं पर अमरोहा में तैनात हेड कांस्टेबल का परिवार भी रहता है। दारोगा सोमवार शाम स्कूटी से घर से निकले। तभी एक बाइक पर सवार होकर पुलिसकर्मी के बेटे आ गए। इसी दौरान बाइक व स्कूटी की टक्कर हो गई जिस पर विवाद खड़ा हो गया। दोनों पक्षों में गाली गलौज होने लगी।
मझोला पुलिस के अनुसार, हेड कांस्टेबल को फोन कर उसके बेटे ने बुला लिया। तभी हेड कांस्टेबल भी मौके पर पहुंच गया। पिता को आते देख उसके दोनों बेटों का मन बढ़ गया और बीच-बचाव होता कि दोनों ने दारोगा को पीटना शुरू कर दिया। दारोगा ने भागने की कोशिश की तो दौड़ाकर पीटा। आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। मझोला इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार फोर्स संग पहुंचे।
पुलिस के आने से पहले ही आरोपित हेड कांस्टेबल व उसके बेटे भाग निकले। घायल दारोगा को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मामले का शिकायती पत्र भी दारोगा से ले लिया। जानकारी पर साइबर थाना इंस्पेक्टर अनुज मलिक भी पहुंच गए। पुलिस ने जांच शुरू की तो आरोपित पुलिसकर्मी और उनके बेटों के नाम नाम सामने आए।
तब अफसरों को जानकारी दी गई। इस बीच मामले को रफादफा करना शुरू कर दिया गया। वार्ता के बाद मामले को रफादफा कर दिया गया। घायल दारोगा की तरफ से समझौतानामा भी पुलिस को सौंप दिया गया। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि मारपीट नहीं हुई थी। कहासुनी हुई थी। उसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
