मुरादाबाद : सपाइयों द्वारा जिलाधिकारी की शिकायत पर जांच करने आए कमिश्नर और आइजी से दूसरे दलों के नेताओं ने भी मुलाकात की। उन्हें पत्र देकर बताया कि सपाइयों ने रामपुर के जिलाधिकारी समेत अन्य प्रशाससिक अधिकारियों की झूठी शिकायतें की हैं। भारतीय जनता पार्टी लघु उद्योग प्रकोष्ठ के पश्चिमा उत्तर प्रदेश संयोजक आकाश सक्सेना ने भी बयान दर्ज कराए।

उन्होने कहा कि पूर्व मंत्री आजम खां खुद माहौल खराब कर रहे हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में भी इनपर कई मुकदमे दर्ज हुए थे और इनपर पाबंदी भी लगाई गई थी। चुनाव आयोग इस बार भी इनके बोलने पर पाबंदी लगाए। भाजपा नेता भारत भूषण गुप्ता ने बताया कि जिस उर्दू गेट को तोड़ने को लेकर सपाई शोर मचा रहे हैं, वह प्रशासन द्वारा सही कार्रवाई की गई है। इस गेट को सपा शासनकाल में पूर्व मंत्री आजम खां ने बनवाया था। इसकी ऊंचाई इतनी कम रखी गई कि बस, ट्रक आदि बड़े वाहन नहीं निकल सकते थे। इससे लोग परेशान थे। यह रोह में रोड़ा बना था, इसे तोड़कर प्रशासन ने सराहनीय काम किया है। इसी तरह मदरसा आलिया में रामपुर पब्लिक स्कूल की आड़ में 23 कमरों पर अवैध रूप से कब्जा किया गया था, जिसे जिलाधिकारी ने कब्जा मुक्त कराकर वहां दोबारा यूनानी अस्पताल शिफ्ट करा दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई से पूर्व मंत्री तिलमिला गए हैं। इसी वजह से जिलाधिकारी और अन्य अधिकारियों के खिलाफ झूठी शिकायतें कर रहे हैं। जिलाधिकारी निष्पक्षता से बिना भेद-भाव के काम कर रहे हैं। इससे पूर्व मंत्री को डर है कि उनके द्वारा सपा शासनकाल में किए गए अन्य गलत कार्यों की पोल न खुल जाए। इसी डर के चलते वह जिलाधिकारी को हटाने के लिए चुनाव आयोग में झूठी शिकायतें कर रहे हैं। यदि इन फर्जी शिकायतों के आधार पर जिलाधिकारी को हटाया गया तो भविष्य में कोई प्रशासनिक अधिकारी निष्पक्ष होकर काम नहीं कर पाएगा। भाजपा नेता ने आइजी को भी पत्र देकर प्रशासन के अधिकारियों की लाशें बिछा देने का बयान देने वाले सभासद के खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज कर जेल भेजने की मांग की।

पूर्व मंत्री ने किया कब्जा

रामपुर : पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम, कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष मुति उर्रहमान खां बब्लू और कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष फैसल खां लाला, मौलाना मोहब्बे अली ने पूर्व मंत्री पर वक्फ की संपत्तियों समेत सरकारी भवनों पर कब्जा करने और सरकारी धन के दुरुपयोग करने की शिकायत की। कहा कि आलिया गंज के प्रशासन जनहित में का कर रहा है। कोई गलत काम नहीं किया है। प्रशासन ने उर्दू गेट तोड़कर सही काम किया है। पूर्व मंत्री खुद लोगों की जमीने कब्जाते रहे हैं। फैसल लाला ने कहा कि तहसील सदर क्षेत्र में वक्फ यतीमखाना संख्या 157 से 40 से अधिक परिवारों को बलपूर्वक बेदखल कर दिया गया। इस जमीन को पूर्व मंत्री को उनका निजी स्कूल बनाने के लिए दे दिया गया। नगर पालिका के 50 से ज्यादा कर्मचारियों को गैर कानूनी तरीके से जौहर यूनिवर्सिटी में साफ-सफाई के लिए लगा दिया गया। उन्होंने शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

दूसरी ओर कांग्रेस नेता का कहना है कि जब पूर्व मंत्री के इशारे पर हजारों गरीबों को उजाड़ा गया, तब इंतजामिया कमेटी ने विरोध क्यों नहीं किया? अब पूर्व मंत्री द्वारा नाजाइज कब्जा की हुई जमीनों को कब्जामुक्त कराया जा रहा है तो कमेटी प्रशासन की कार्रवाई का विरोध कर रही है। जासं

Posted By: Jagran

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