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मुरादाबाद : मीडिया में सकारात्मक खबरों को प्राथमिकता देने की जरूरत है, समाज में जहां अपराध घटित हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अन्ना हजारे सहित तमाम लोग अच्छा काम भी कर रहे हैं। इसे प्रचारित और प्रसारित किया जाना चाहिए।

ये बातें एमजेपी रुविवि के कुलपति प्रोफेसर अनिल कुमार शुक्ल ने कही। वे मंगलवार को अमरोहा जिले के जेएस हिंदू महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय 'हिंदी पत्रकारिता का स्वरूप, चुनौतियां एवं संभावनाएं' विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि आज की पत्रकारिता को तमाम चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पत्रकारिता एक रचनाशील विद्या है और इसके बिना समाज को बदलना सम्भव नहीं है। सेमिनार के मुख्य अतिथि उप्र भाषा संस्थान लखनऊ के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. राज नारायण शुक्ल ने कहा कि बेशक मीडिया समाज का अभिन्न अंग है। इसके बिना समाज की कल्पना नहीं की जा सकती है। उन्होंने मीडिया में अपराधों और नकारात्मक खबरों को प्राथमिकता दिये जाने पर चोट करते हुए कहा कि यह समाज हित में नहीं है। खबरों के साथ निष्पक्षता का होना नितांत जरूरी है। मुख्य वक्ता एसएसवी कालेज हापुड़ के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर तिलक ¨सह ने कहा कि पत्र-पत्रिकाएं समाज को दिशा देते हैं, वह समाज का आइना होते हैं। आज की पत्रकारिता में साहित्य गुम हो गया है। न तो अच्छे साहित्यकारों को मीडिया के माध्यम से मंच मिल पा रहा है और न ही साहित्य आगे बढ़ पा रहा है। दिल्ली विश्वविद्यालय दिल्ली के हिंदी विभाग की अध्यक्ष और हिन्दी माध्यम कार्यान्वयन निदेशालय नई दिल्ली की निदेशक प्रोफसर कुमुद शर्मा ने कहा कि सोशल मीडिया संचार का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है, लेकिन जरूरत उस पर निगरानी रखने की है। सोशल मीडिया का सदुपयोग कम और दुरुपरोग अधिक हो रहा है। मोहन लाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर के प्रोफसर विजय कुलश्रेष्ठ ने नकारात्मकता को छोड़ सकारात्मकता अपनाने और मूल्यपरक पत्रकारिता के बढ़ावे पर बल दिया। मोतीलाल नेहरू कालेज नई दिल्ली के प्रोफेसर चन्द्र प्रकाश मिश्र ने कहा कि पत्रकारों को विभिन्न प्रकार के दबावों में काम करना पड़ता है। अगर वह किसी माफिया के खिलाफ खबर छापते हैं तो उनकी हत्या करा दी जाती है। सरकार को पत्रकारों की सुरक्षा और उनके अधिकारों के संरक्षण का काम करना चाहिए। महाविद्यालय की प्रबंध समिति के मंत्री गिरीश चन्द्र अग्रवाल ने कहा कि मीडिया और पत्रकारों का समाज निर्माण में बहुत महत्व है। संचालन करते हुए सेमिनार के संयोजक डॉ. बबलू ¨सह ने कहा कि पत्रकारिता आमजन की समस्याओं को शासन तक और शासन की योजनाओं को आम जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार रुस्तगी और हिन्दी विभाग की अध्यक्ष डॉ. बीना रुस्तगी ने सेमिनार के विषय पर रोशनी डाली। सेमिनार की शोध संबंधित पुस्तक और डॉ. विजय कुलश्रेष्ठ की मीडिया संबंधी दो पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। इससे पूर्व अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर सेमिनार का शुभारंभ किया। महाविद्यालय की प्रबंध समिति के अध्यक्ष रमेश कुमार अग्रवाल ने कुलपति डॉ. अनिल कुमार शुक्ल को स्मृति चिह्न भेंट किया। इस मौके पर प्रबंध समिति के मंत्री गिरीश चंद्र अग्रवाल पूर्व अध्यक्ष विजय शंकर अग्रवाल, डॉ. पीसी शर्मा, डॉ. वीबी बरतरिया, डॉ. अनिल रायपुरिया, डॉ. मनन कौषल, डॉ. वीर वीरेन्द्र, डॉ. निखिल दास ने अतिथियों को स्मृति चिह्न प्रदान किये और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। अंत में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. वंदना रानी गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर विश्वयात्री डॉ. कामता कमलेश, पूर्व प्राचार्य डॉ. पीके जैन, डॉ. सुधांश शर्मा, डॉ. हरेन्द्र ¨सह, डॉ. रमेष चन्द्रा, डॉ. नवनीत, डॉ. सीमा रानी शर्मा आदि मौजूद रहे।

Posted By: Jagran

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