मुरादाबाद : जितनी तेजी से पेड़ों का कटान हो रहा है अगर उसको लेकर हम अब नहीं जागे तो सांस लेना मुश्किल हो जाएगा। ताजा उदाहरण हम देख ही रहे हैं कि वातावरण में इन दिनों धुंध छाई हुई है। अगर पेड़ नहीं होंगे तो और भी भयावह परिणाम हो सकते हैं। अगर बच्चों के जन्म व अपने पूर्वजों के नाम पर पौधरोपण करके हर व्यक्ति उनकी देखरेख करे तो प्रदूषित पर्यावरण को शुद्ध करने में हम लोग सहयोग कर सकते हैं। महानगर में ऐसे भी पर्यावरणविद हैं जिन्हें पेड़ों से बहुत लगाव है। ऐसे ही खुशहालपुर के प्रीत विहार निवासी राजपाल सिंह हैं। इन्होंने दैनिक जागरण की ओर से चल रहे जीवनदाता पेड़ों को जीने दो अभियान के तहत गुरुवार की शाम को अपनी दादी के नाम पर पौधा रोपकर उन्हें श्रद्धांजलि दी और संकल्प लिया कि वह इस पौधे की देखरेख करेंगे। इनका कहना है कि एक पेड़ पांच लोगों को आक्सीजन देने का काम करता है। राजपाल पर्यावरण सचेतक समिति के जिलाअध्यक्ष हैं, जिन्हें पेड़ों से प्रेम है। वह पार्को, स्कूलों में सैकड़ों पौधे रोप चुके हैं।

-------------

:इनसेट:

लाइफ स्टाइल के आगे भूले पेड़ों का महत्व

सांस लेने में पेड़ों की उपयोगिता को भूलकर लाइफ स्टाइल को महत्व दिया जा रहा है। यह लाइफ स्टाइल इतनी हावी हो गई है कि हरे-भरे पेड़ों का कटान कर ऊंची इमारतें बनाई जा रही हैं। पौधरोपण करने के लिए जागरूक नहीं होंगे तो एक दिन आक्सीजन सिलेंडर की जरूरत पड़ेगी। जिससे सामान्य जीवन कितना कष्टदायी होगा, इसकी परिकल्पना कीजिए। महानगर में भी ऐसे कई स्थान हैं जहां पहले घने पेड़ होते थे अब वहां इमारतें बन गई हैं। कांठ रोड पर विशालकाय पेड़ों की जगह अपार्टमेंट बन गए हैं। इस बार रामगंगा किनारे पेड़ रोपने का लक्ष्य दो लाख दस हजार रखा गया है। अगर यह पौधरोपण सिर्फ कागजी साबित नहीं हुआ तो रामगंगा को पुन: जीवित रखने में यह पौधे जीवनदाता बनेंगे।

--------

पेड़ों की खास बातें

-एक पेड़ 70 गुना ज्यादा पर्यावरण को साफ रखता है।

-एक पेड़ पांच लोगों को सांस लेने को आक्सीजन प्रदान करता है।

-एक पेड़ अपने पूरे जीवन में 1000 किलो कार्बनडाई आक्साइड सोखता है।

-स्वस्थ रहने के लिए पेड़ों का होना जरूरी है।

By Jagran