मुरादाबाद : कांठ रोड स्थित शिरड़ी साई स्कूल में सोमवार को अग्निशमन विभाग की ओर से मॉक ड्रिल का आयोजन हुआ। विद्यार्थियों को आधारभूत जानकारी दी गई। मुख्य अग्निशमक अधिकारी वीके सिंह, अग्निशमक अधिकारी राम कृपाल सिंह एलएफएम उत्तम कुमार, उदय राज सिंह के नेतृत्व में विद्यालय में आयोजित एक फायर फाइटिंग कार्यशाला के दौरान बच्चों को आग लगने के कारण, तरीके तथा उन पर तात्कालिक कार्यवाही करते हुए कैसे काबू पाया जाए, इसकी पूर्ण जानकारी दी गई। साथ ही बच्चों को प्रयोगात्मक तरीके से आग लगाकर उस पर विभिन्न माध्यमों से काबू करने का प्रशिक्षण दिया गया। इसमें एलपीजी सिलेंडर, बिजली उपकरण, तेल, कागज, कपड़े इत्यादि से लगने वाली आग तथा उन पर कैसे काबू पाया जाए। किन-किन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाए। यह विस्तारपूर्वक बताया गया। इस अवसर पर विद्यालय का स्टाफ भी मौजूद था। इसके पहले विद्यालय की छात्र-छात्राओं ने आग से बचने के लिए संदेश देते हुए पोस्टर तैयार किए, निबंध लेखन भी कराया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी वीके सिंह ने बच्चों के सामने कालेज के प्रागण में लकड़ी के ढेर में आग लगवा दी। आग की लपटों के उठते ही घटी बजाती हुई फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची। आनन-फानन में जवानों ने उतरकर पाइप निकाला और आग लगे स्थान पर पानी के पाइप से आग को शांत कर दिया। इस दौरान अग्निशमक यंत्र का प्रयोग भी बताया गया। बताते चलें कि 14 से 20 अप्रैल तक अग्नि सुरक्षा सप्ताह चल रहा है। 16 अप्रैल को चित्रकला और निबंध प्रतियोगिता किया गया था। कार्यक्रम के अंत में बच्चों से बताया गया कि जो भी विद्यालय प्रांगण में उन्होंने सीखा है, सभी घर जाकर परिवार वालों को बताएंगे। ---------------------

चार प्रकार की होती है आग

- पहला जनरल फायर कोयला, कपड़ा और कागज की आग इस श्रेणी में आती है। इसे पानी और अग्निशमक यंत्र से बुझाया जाता है।

- दूसरा तेल की आग डीजल, पेट्रोल की आग इस श्रेणी में आते हैं। इसे डीसीपी एक्सटिंगयूसर एवं फोम एक्सटिंगयूसर से बुझाते हैं।

- रासायनिक एवं बिजली की आग शॉर्ट सर्किट और बिजली से लगी आग तीसरी श्रेणी में आते हैं। इसे डीसीपी एक्सटिंगयूसर एवं कार्बन-डाई-ऑक्साइड एक्सटिंगयूसर से बुझाते हैं।

- किसी भी धातु में लगी आग चौथी श्रेणी में आते हैं। इसे डीसीपी कार्बन-डाई-आक्साइड एक्सटिंगयूसर से बुझाते हैं।

Posted By: Jagran