मुरादाबाद : खुशहालपुर में दोना-पत्तल कारोबारी की फैक्ट्री को नगर निगम ने छापा मारकर सील कर दिया। छापा मारने की कार्रवाई की भनक लगते ही कारोबारी ताला बंद करके चले गए। जिससे टीम आंकलन नहीं कर पाई कि कितनी धनराशि का सामान गोदाम में है, लेकिन नगर निगम ने बंद ताले पर अपनी सील लगा दी है। करीब दस लाख रुपये का प्रतिबंधित सामान गोदाम में हो सकता है।

15 अगस्त से प्लास्टिक व थर्माकोल की क्राकरी बनाने पर प्रदेश सरकार ने रोक लगा दी है, लेकिन कारोबारियों ने न तो प्रतिबंधित क्राकरी को नष्ट किया और न ही नगर निगम को सरेंडर किया है। सील लगाने के बाद कारोबारी दीपक कत्याल नगर निगम कार्यालय पहुंचे, लेकिन नगर आयुक्त से मुलाकात नहीं हो पाई।

हाईकोर्ट से नहीं मिली है राहत

-प्रतिबंध के बावजूद भी पॉलीथिन, थर्माकोल व प्लास्टिक की क्राकरी के सामान की बाजार में खूब बिक्री हो रही है। शासनादेश के विरोध में कुछ कारोबारी हाईकोर्ट भी गए हैं, लेकिन अभी इनको कोई राहत नहीं मिली है।

टीम को भेजकर लगवा दी सील

प्रतिबंध लगने के बावजूद भी सामान को न तो नष्ट किया गया और न सरेंडर। जानकारी मिली थी कि गोदाम से इसकी सप्लाई की जा रही है। टीम को भेजकर गोदाम पर सील लगवा दी गई है।

-अवनीश कुमार शर्मा, नगर आयुक्त हाईकोर्ट में मामला विचाराधीन

मैं गोदाम बंद करके एक कार्यक्रम में गया था। मेरा इंतजार करना चाहिए था। नया माल नहीं बनाया जा रहा है। शासनादेश के बाद सिर्फ माल गोदाम में रखा है। बिक्री नहीं किया जा रहा है। हाईकोर्ट में इसका मामला विचाराधीन है।

-दीपक कटारिया, कारोबारी

Posted By: Jagran