मुरादाबाद:

भूजल संचयन को लेकर देश के नागरिक अभी भी गंभीर नहीं हैं। प्रतिवर्ष बारिश का पानी नदियों के माध्यम से बह जाता है। अगर इसी जल का बेहतर तरीके से संचयन किया जाए तो देश के किसी भी हिस्से को सूखे का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकारी व निजी संस्थाओं के द्वारा भूजल संचयन समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन इन अभियानों को बहुत ज्यादा प्रभाव आम आदमी पर नहीं पड़ता है। वाटर रिचार्ज सिस्टम बेहतर न होने के कारण जनपद में दिनों-दिन भूजल का स्तर भी घटता जा रहा है। जिन किसानों को पहले अस्सी से सौ फिट की खुदाई पर पानी मिल जाता था, उन्हें अब दो से तीन सौ फिट तक पानी के लिए बो¨रग करानी पड़ रही है। शहरी क्षेत्रों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए सरकारी विभागों के द्वारा प्रोत्साहित भी किया जाता है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण में यह नियम भी है कि तीन सौ मीटर तक के जितने भी आवासों के नक्शे पास होंगे उन्हें वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य है। वाटर हारवेस्टिंग सिस्टम के बिना नक्शे को स्वीकृत नहीं किए जाते, लेकिन उन्हें बनाया नहीं जाता। निजी रूप से आवासों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने वालों की संख्या भी बहुत ज्यादा नहीं है। केवल पॉश कॉलोनियों के आवासों में इसका पालन किया जा रहा है। एमडीए की एक दर्जन कॉलोनियों केवल पचास ऐसे आवास होंगे जिनमें वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम काम कर रहे हैं।

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जागरूकता के लिए बच्चों के विषय में किया शामिल

राज्य सरकार ने साल 2015 में भूजल स्तर के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए इस विषय को बच्चों की किताबों में शामिल करने का निर्णय लिया था। राज्य सरकार के निर्देश पर वाटर हार्वेस्टिंग एवं भूजल संरक्षण विषय को कक्षा छह से 12 तक के बच्चों को पढ़ाने के निर्देश दिए गए थे। सरकार की मंशा थी कि बच्चों के माध्यम से उनके माता-पिता को भूगर्भ जल के लिए जागरूक किया जाएगा। ताकि वह घर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लेकर गंभीर हो सके। हालांकि नियम का बहुत ज्यादा असर देखने को नहीं मिला।

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यूपी में 547 इमारतों में बनाए गए वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

उत्तर प्रदेश की सरकारी और अ‌र्द्ध सरकारी इमारतों में भी वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की संख्या बहुत ज्यादा नहीं है। भूगर्भ जल विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में 547 इमारतों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने का काम किया गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश के 62 शहरों में सबसे ज्यादा 136 वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लखनऊ शहर में बनाए गए हैं। वहीं मुरादाबाद में इसकी संख्या केवल 27 है।

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वर्जन---

रेन वाटर हार्वेस्टिंग को लेकर प्राधिकरण गंभीर है। तीन सौ मीटर तक के नक्शे तभी पास होते हैं,जब वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आवास में बन जाता है। इसके लिए एक जमानत राशि भी आवंटी से जमा कराई जाती है। निर्माण कार्य पूरा करने के बाद उसे वह राशि वापस भी कर दी जाती है। हम इसके लिए समय-समय पर सभी को प्रेरित करते रहते हैं।

राजीव दीक्षित, अधिशासी अभियंता,एमडीए

By Jagran