मुरादाबाद : गणेश चतुर्थी के बाद गजानन के लिए पंडाल सजाने और उत्सव मनाने की परंपरा सिर्फ मंडी चौक के मराठियों के मोहल्ले अताई में ही थी। मुरादाबाद में इसी जगह पर छोटे स्तर पर गणेश उत्सव मनाया जाता था, लेकिन इस मोहल्ले से शुरू हुआ उत्सव धीरे-धीरे पीतल नगर के दिल-ओ-जहां में छाता गया। आलम यह है कि करीब एक सप्ताह तक चलने वाले इस उत्सव के लिए अब हर गली मोहल्ला सजाया जाता है। गुरुवार से शुरू हो रहे गणेश उत्सव के लिए मुरादाबाद में डेढ़ सौ से ज्यादा जगह छोटे-बड़े पंडाल सजाए जा रहे हैं।

अताई मोहल्ले में गणेश उत्सव आयोजित करने वाली शिव शक्ति महाराष्ट्रमित्र मंडल समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि करीब दस साल पहले यहां पर रह रहे कुछ मराठा परिवारों ने इस उत्सव को मनाने की तैयारी की थी। कमेटी बनाकर छोटे स्तर पर वे इस आयोजन को करते थे। इसके बाद मंडी चौक के गणेश मोहल्ला, जिलाल मोहल्ला, साहू मोहल्ला, गुड़िया मोहल्ला बाजी गरान, कानून गोयान मोहल्ले में छोटे-बड़े आयोजन होने लगे। इस बार होने वाले आयोजनों में जागरण, भजन संध्या, जुलूस जैसे कार्यक्रम होंगे।

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एक परमीशन पर ही निकलता है शहर भर में जुलूस

-गणेश उत्सव के बाद शोभायात्रा का आयोजन हर पंडाल में किया जाता है। खास बात यह है कि प्रशासन की ओर से सभी पंडालों की शोभायात्रा की परमीशन अताई मोहल्ले के ही नाम पर दी जाती है और सभी पंडालों की मूर्तियां अताई मोहल्ला जरूर आती हैं।

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बाजार गंज में होता है सबसे बड़ा आयोजन

-अताई मोहल्ले के बाद बाजार गंज में शुरू हुआ गणेश उत्सव सबसे बड़े आयोजनों में से एक है। महानगर में गणेश उत्सव के लिए सबसे बड़ा पंडाल यहीं सजाया जाता है। आयोजन समिति के दीपक अग्रवाल का कहना है कि उत्सव में 400 छोटी मूर्तियां भी मंगवाई जाती हैं, जिन्हें लोगों को घरों में स्थापित करने के लिए दिया जाता है। इसके अलावा कटघर, लाइनपार, रेलवे हरथला कालोनी के अलावा शक्ति नगर में सिद्धपीठ हनुमान मंदिर में भी आयोजन किया जाएगा।

छोटी मूर्तियों के बढ़े आर्डर-

पंडालों के साथ गजानन को घरों में स्थापित करने का क्रेज पिछले तीन-चार सालों में तेजी से बढ़ा है। जिस कारण कारीगरों के पास बड़ी मूर्तियों के साथ छोटी मूर्तियां बनाने के ज्यादा आर्डर आने लगे हैं। खुशहालपुर में राजस्थान से आए मूर्ति कलाकारों का कहना है कि इस बार पिछली बार की तुलना में छोटी मूर्तियों की मांग ज्यादा है। उन्होंने बताया कि हर साल यह मांग बढ़ती जाती है, इसलिए दो महीने पहले से ही मूर्तियां बनाना शुरू कर दिया था।

पांच दिन होता है उत्सव

अताई मोहल्ले में पांच दिन तक इस उत्सव का आयोजन किया जाता है। कमेटी मेंबर और मोहल्ले वालों के सहयोग से यह आयोजन होता आ रहा है। मुरादाबाद में यह पंडाल सबसे पुराना है। इस बार छोटी-छोटी झांकियां भी उत्सव में होंगी।

- संग्राम पाटिल, अध्यक्ष, शिव शक्ति महाराष्ट्रमित्र मंडल

Posted By: Jagran