मुरादाबाद:

दि बार एसोसिएशन का चुनाव कराने को लेकर कचहरी में अधिवक्ताओं में मतभेद उभरे गए हैं। दि बार एसोसिएशन के द्वारा एल्डर्स कमेटी को भंग किया जा चुका है। कमेटी में रहे पदाधिकारियों ने सोमवार को कचहरी में बैठक की। इसमें एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन रहे जवाहर लाल खन्ना ने आगामी 18 अप्रैल को जनरल हाउस की बैठक बुलाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि एक्ज्यूटिव कमेटी को एल्डर्स कमेटी को भंग करने का अधिकार ही नहीं है। गौरतलब है कि दि बार एसोसिएशन अध्यक्ष प्रदीप सिन्हा बब्ली और महासचिव आनंद मोहन गुप्ता ने बीते गुरुवार को एक बैठक का आयोजन कर एल्डर्स कमेटी को भंग कर नई कमेटी का गठन किया था। नई एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन महेन्द्र कुमार गुप्ता के साथ ही नौ सदस्य मनोनीत किये हैं। बार एसोसिएशन के इस फैसले का पुरानी एल्डर्स कमेटी के पदाधिकारियों ने पूरी प्रक्रिया को नियम विरुद्ध बताते हुए विरोध करना शुरू कर दिया। इस मामले में पुरानी एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन के साथ सदस्य पदाधिकारी वरिष्ठ अधिवक्ता रामाशंकर, मुख्तार अहमद, विजय गुप्ता व एसपी उपाध्याय संयुक्त रूप से जिला एवं सत्र न्यायधीश रामकृष्ण गौतम से मिलकर पूरे मामले की जानकारी दी है। हालांकि सदस्यों ने बातचीत का कोई ब्योरा नहीं दिया। वहीं दि बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने इस प्रक्रिया को असंवैधानिक करार दिया है।

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वर्जन---

तीन माह बीत चुके हैं। अभी तक बार चुनाव को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया। एल्डर्स कमेटी में पांच सदस्य होते हैं। उसे भंग करने का अधिकार एक्ज्यूटिव कमेटी के पास नहीं है। जनरल हाउस की मीटिंग में सभी की सहमति से उचित निर्णय लिया जाएगा।

जवाहर लाल खन्ना, चेयरमैन, निवर्तमान एल्डर्स कमेटी

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नई एल्डर्स कमेटी का गठन कर चुनाव कराने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। सभी कार्य नियमानुसार किए जा रहे हैं। पूर्व पदाधिकारियों के द्वारा जनरल हाउस की बैठक बुलाना असंवैधानिक है।

आनंद मोहन गुप्ता, महासचिव, दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी

Posted By: Jagran