खेतों में मजदूरी, अपनों के ताने... फिर भी नहीं हारीं; कबड्डी के मैदान में चमकीं UP की बेटियां काजल, नीतू, कोमल और सोनम
उत्तर प्रदेश की काजल, नीतू, कोमल और सोनम जैसी बेटियों ने अपने पिता की मजदूरी और खेतों में मेहनत जैसी ...और पढ़ें

नीतू, सोनम, काजल और कोमल
जागरण संवाददाता, मुरादाबाद। : पिता की मजदूरी, खेतों में मेहनत, रिश्तेदारों के ताने और दोस्तों के सवालों के बीच कबड्डी का सपना संजोने वाली बेटियों ने आखिरकार अपनी मेहनत से जीत की कहानी लिख दी। बनारस की काजल पटेल, मऊ की नीतू, अयोध्या की कोमल और फिरोजाबाद की सोनम ने राज्य स्तरीय जूनियर बालिका कबड्डी प्रतियोगिता में आगरा छात्रावास को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।
मजदूर पिता की बेटी बनी कप्तान, काजल ने दिलाया खिताब
आगरा छात्रावास की कप्तान काजल पटेल चार बहनों में सबसे छोटी हैं। पिता मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। छात्रावास में चयन के बाद काजल ने राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और रजत पदक भी जीते। खेलो इंडिया में भी उन्होंने रजत पदक हासिल किया। फाइनल मुकाबले में टीम की तालमेल मिलाकर जीत की कहानी लिखी।
तानों को ताकत बना नीतू ने कबड्डी में बनाई पहचान
मऊ की नीतू को बचपन से कबड्डी खेलने का शौक था। दोस्तों ने मजाक उड़ाया कि कबड्डी खेलकर क्या हासिल करोगी, राष्ट्रीय स्तर तक कैसे पहुंचोगी, लेकिन परिवार के साथ और अपनी मेहनत के दम पर नीतू ने मैदान में खुद को साबित किया। वर्ष 2019 में राष्ट्रीय स्कूल गेम्स में दूसरा स्थान हासिल कर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
मां ने खेतों में काम कर बेटी का सपना संवारा
अयोध्या की कोमल ने छह साल की उम्र में पिता को खो दिया था। मां ने खेतों में मजदूरी कर बेटी की परवरिश की। कोमल भी मां के साथ खेतों में काम करती थीं, लेकिन कबड्डी खेलने का सपना नहीं छोड़ा। मां ने उनका साथ दिया। वर्ष 2022 में हैदराबाद में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की ओर से खेलते हुए उन्होंने जीत हासिल की। वर्ष 2025 में खेलो इंडिया में रजत पदक जीता।
खेतों से कबड्डी के मैदान तक, सोनम ने मेहनत से रोशन किया नाम
फिरोजाबाद की सोनम के पिता किसान हैं। उन्होंने पिता के साथ खेतों में काम करते हुए कबड्डी खेलना शुरू किया। रिश्तेदारों ने छात्रावास में रहने और खेल में आगे बढ़ने को लेकर सवाल उठाए, लेकिन पिता ने बेटी का हौसला बढ़ाया। सोनम ने वर्ष 2023 और 2025 में खेलो इंडिया में रजत पदक जीतकर परिवार का नाम रोशन किया।
