मुरादाबाद, जेएनएन। मुरादाबाद बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश हुई मुंबई निवासी छह साल की बच्ची ने जब आपबीती सुनाई तो, समिति के सदस्यों का कलेजा कांप उठा। वह सोचने पर मजबूर हो गए कि रिश्ते का चाचा आखिरकार मासूम पर इस कदर कैसे कहर बरपा सकता है।

बोली मासूम-चाचा ने कहा था अब घर मत आना 

चाइल्ड लाइन के सदस्यों के साथ बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश हुई छह वर्षीय बेबी से महिला सदस्य नीतू सक्सेना ने यह जानना चाहा कि वह मूल रूप से कहां की रहने वाली हो। बच्ची ने बताया मुंबई। तब उन्होंने पूछा कि मुरादाबाद कैसे आईं? जवाब मिला ट्रेन से। कहां जा रही थी? पता नहीं? यह सुनते ही वह अवाक रह गईं। फिर पूछा क्यों? तब बच्ची ने बताया कि मां-बाप का मुंह आज तक नहीं देखा। पालनहार के रूप में सिर्फ एक चाचा है, जो सपरिवार मुंबई में रहते हैं। बीते कुछ समय से चाचा व चाची के बीच अनबन चल रही थी।

चाइल्ड लाइन को सौपा बच्ची को 

चाचा दो दिन पहले उसे साथ लेकर मुंबई टर्मिनल पहुंचे। फिर ट्रेन की बोगी में बैठाकर कहा कि वापस न लौटना। बीबी कहती है कि हम दोनों के बीच झगड़े का कारण तुम हो। हमारा जीवन बर्बाद न हो, इसलिए तुम्हें खुद से दूर कर रहा हूं। यह सुनते ही बच्ची हिल गई। तब तक ट्रेन चल पड़ी। मुंह मोड़ चुके चाचा को बच्ची आवाज लगाती रही, फिर भी उन्होंने पलटकर नहीं देखा। बच्ची की दर्द ए दास्तां सुनकर बाल कल्याण समिति के सदस्यों की आंख से आंसू गिरने लगे। इस बावत अध्यक्ष गुलजार अहमद ने कहा कि फिलहाल बच्ची चाइल्ड लाइन के सुपुर्द की गई है। परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश हो रही है। यदि कोई रिस्पांस नहीं मिला तो बच्ची को रामपुर बाल गृह भेज दिया जाएगा।

Posted By: Rashid