सरायतरीन (सम्भल) : एक साथ तीन तलाक देना गैर कानूनी होने और इसके लिए सजा का प्रावधान होने के बावजूद मामले थम नहीं रहे हैं। ताजा मामला सम्भल के सरायतरीन का है। यहां के एक मुहल्ले की महिला को सिर्फ इसलिए तीन तलाक दे दिया गया कि उसने दूसरी बेटी को जन्म दिया। न्याय के लिए महिला शरई अदालत गई। काजी ने बताया कि एक साथ तीन तलाक दिया गया है। तरीका तो गलत है, लेकिन अगर पति कहता है तो फिर तलाक मान लिया जाएगा। हालांकि इसके लिए पूरी प्रक्रिया चलेगी।

क्‍या है पूरा मामला

शहर के एक मुहल्ले की रहने वाली महिला की शादी 15 जनवरी 2012 को स्थानीय निवासी व्यक्ति के साथ हुई थी। दिसंबर 2014 में उसे बेटी हुई। इस पर पति व अन्य ससुरालियों ने उत्पीडऩ करना शुरू कर दिया। महिला ने बताया कि उसके पति ने बेटी के लिए पांच लाख रुपये मायके से लाने के लिए कहा। अधिक उत्पीडऩ होने पर मायके पक्ष ने एक प्लाट महिला के नाम कर दिया। इसके बाद कुछ समय के लिए ससुराल वाले शांत हो गए। महिला ने इसी बीच एक बेटे और उसके बाद फिर से बेटी को जन्म दिया। दूसरी बेटी होने पर फिर उत्पीडऩ शुरू कर दिया गया। महिला ने बताया कि वह एक शादी में पति के साथ गई थी। वहां से वापस आकर पीटा गया और फिर एक साथ तीन तलाक कहते हुए घर से निकाल दिया गया। इस पर उसने शरई अदालत का दरवाजा खटखटाया। मौलाना ने बताया कि तलाक शौहर का अधिकार है। अगर महिला को उसने तलाक दे दिया है तो उसे माना जाएगा। हालांकि तलाक का तरीका गलत है, लेकिन तलाक तो हो ही गया।  

Posted By: Narendra Kumar

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