मुरादाबाद (प्रदीप चौरसिया)। रेलवे ने पहली बार दूरदराज के गांवों व छोटे स्टेशनों के लिए ट्रेन चलाने की योजना तैयार की है। इससे कम किराए में मजदूर, छात्र व किसान शहर आ-जा सकेंगे। इसे हब एंड स्पोक मॉडल नाम दिया गया है। इसमें नये के बजाय पुराने कोच का प्रयोग किया जाएगा। 

देश के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से होकर कई ऐसी रेलवे लाइन हैं, जहां 24 घंटे में एक पैसेंजर ट्रेन ही चलती है। परिवहन के अन्य संसाधन नहीं होने से रोजगार के लिए ग्रामीण बाहर नहीं जा सकते हैं।  छात्रों को भी परेशानी होती है। हब एंड स्पोक मॉडल ट्रेन से दूर दराज के गांव के लोग हब तक पहुंच जाएंगे। यानी ऐसे बड़े स्टेशन, जहां से ट्रेन सेवा आसानी से उपलब्ध हो। वहां से ट्रेन पकड़ कर स्पोक (गंतव्य स्थान) पर जाया जा सकता हैै। रेलवे का मानना है कि इस योजना से दूर दराज गांव के लोगों को मदद मिलेगी। तीन से चार बोगी की ट्रेनों को राइट टाइम चलाया जाएगा, जो सभी स्टेशन व बीच पडऩे वाले गांवों में रुकेगी। 

रेलवे यह सेवा सामाजिक दायित्व के तहत शुरू करने जा रहा है। इस पर अतिरिक्त कोच नहीं मंगाने होंगे। ट्रेनों के पुराने कोचों को मरम्मत कर यह सेवा शुरू की जाएगी। मुरादाबाद रेल मंडल से उपेक्षित रेल मार्गों में उन्नाव बालामऊ रेल मार्ग, राजा का सहसपुर सम्भल, सीतापुर-बालामऊ पर टे्रनें चलेंगी। सुबह चलने वाली टे्रन शाम को लौटकर आएगी। मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि देश भर में ऐसी नौ ट्रेनें हाल के दिनों में चलाई जाएंगी। मुरादाबाद रेल मंडल और अन्य रेल मंडल के उपेक्षित रेल मार्गों पर कम दूरी वाली ट्रेनों को चलाया जाना प्रस्तावित है।

 

Posted By: Narendra Kumar

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