मुरादाबाद, जेएनएन। Indian Railway । कमिश्नर रेलवे आफ सेफ्टी (सीआरएस) एसके पाठक ने चन्दौसी बरेली मार्ग पर 110 किलो मीटर प्रति घंटा की रफ्तार से इलेक्ट्रिक इंजन चलाकर ट्रायल किया। ट्रायल में सफल होने के बाद मंगलवार को मुरादाबाद से चन्दौसी बरेली होकर लखनऊ तक इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन चलाने का स्‍वीकृति पत्र मिल जाएगा

मुरादाबाद से आंवला तक विद्युतीकरण का काम काफी पहले पूरा हो चुका है। सीआरएम ने पिछले साल ही आंवला तक इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन चलने की अनुमति दे दी थी। आंवला बरेली के बीच काम पूरा नहीं होने से चन्दौसी बरेली के बीच इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन या मालगाड़ी नहीं चलाई जा रही थी। लाकडाउन होने जाने से विद्युतीकरण का काम रुक गया था। रेल मंत्रालय का विद्युतीकरण के काम को शीघ्र पूरा करने के निर्देश के बाद विद्युतीकरण के काम ने तेजी पकड़ी। सोमवार सुबह सीआरएस एसके पाठक, डीआरएम तरुण प्रकाश अन्य अधिकारियों के साथ सुबह नौ बजे बरेली से ट्राली द्वारा निरीक्षण शुरू किया। विद्युतीकरण के साथ रेल लाइन की भी निरीक्षण किया। रामगंगा ब्रिज के ऊपर विद्युतीकरण का कार्य को देखा। निरीक्षण करते हुए दोपहर दो बजे सीआरएम आंवला पहुंचे। आंवला से बरेली तक इलेक्टिक इंजन को 110 किलो मीटर प्रतिघंटा की चलाकर ट्रायल किया। ट्रायल में पूरी तरह से सफल रहा। सीआरएम स्पेशल ट्रेन द्वारा मुरादाबाद होकर दिल्ली वापस लौट गए हैं। प्रवर मंडल संरक्षा अधिकारी आरके तायल ने बताया कि सीआरएस का निरीक्षण में सुबह कुछ ठीक मिला। सीआरएम की लिखित अनुमित आने के बाद इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।

 

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