सम्भल, जेएनएन। वाणिज्य कर विभाग की ओर से 31 मार्च 2019 से पहले बकाया वाले व्यापारियों काे टैक्स पर लगाए गए ब्याज में छूट देने के लिए एक मुश्त समाधान योजना शुरू की गई है। इस योजना में व्यापारी पर मूल बकाया धनराशि पर लगे ब्याज की छूट अलग अलग है। परन्तु इस योजना का लाभ लेने के लिए व्यापारियाें को आनलाइन आवेदन कर अपना बकाया 31 अक्टूबर तक जमा करना होगा।

कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार द्वारा लाकडाउन कर दिया गया था, जिससे व्यापारी वर्ग भी काफी प्रभावित हुआ तो दूसरी ओर वाणिज्य कर विभाग की ओर से राजस्व वसूली के तहत जीएसटी में टैक्स भी जमा नहीं हो सका। ऐसे में वाणिज्य कर विभाग की ओर से टैक्स जमा न करने वाले बकाएदार व्यापारियों को राहत देने के लिए एक मुश्त समाधान योजना शुरू की, जिसमें जिन व्यापारियोंं पर 31 मार्च 2019 तक के बकाया थी और उस बकाया पर विभाग की ओर से ब्याज लगाया गया था, उससे छूट दे दी गई। ऐसे में व्यापारियों को लाभ देने को इस एक मुश्त समाधान योजना का विस्तार करते हुए अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 अक्टूबर कर दिया गया, जिससे सभी व्यापारी इस योजना का लाभ ले सके। विभाग की ओर से असिस्टेंट कमिश्नर ईश्वरचंद ने बताया कि ब्याज माफी के लिए व्यापारी को 31 अक्टूबर से पहले विभाग के पोर्टल पर आवेदन करना होगा, जिसके बाद ही उसे एक मुश्त समाधान योजना का लाभ मिल सकेगा। उन्होंने बताया कि यदि व्यापारी के मूल बकाया की धनराशि 10 लाख है और वह पूरी धनराशि को जमा करता है तो उस पर लगे ब्याज की 75 प्रतिशत धनराशि को माफ कर दिया जाएगा, जबकि 25 प्रतिशत रकम उसे जमा करनी होगी। इतना ही नहीं यदि बकाया जमा न करने के कारण यदि अर्थदंड है तो उसे शत प्रतिशत माफ किया जाएगा। 

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