रामपुर, जेएनएन। रामपुर गरीबों का राशन खाने की शिकायतें लगातार मिल रहीं थीं। कई अमीर लोग हर माह गरीबों का राशन ले रहे थे। इस बात की भनक जिला प्रशासन को लगी तो जांच बैठा दी गई। इसके बाद तो रोजाना इस तरह के मामले सामने आने लगे। अब अपात्र राशन कार्ड धारकों पर पूरी तरह से प्रशासन ने शिकंजा कस दिया है। बिलासपुर में प्रशासन की कार्रवाई के डर से तहसील क्षेत्र के 67 अपात्र परिवारों ने अपनी इच्छा से अंत्योदय व एपीएल राशनकार्ड सरेंडर कर दिए।

एसडीएम ने कहा कि अगर कोई अपात्र व्यक्ति अपनी स्वेच्छा से राशनकार्ड छोड़ता है तो उसके विरुद्ध कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। तहसील में अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा तेजी के साथ राशनकार्डों का सत्यापन किया जा रहा है। राशनकार्ड सूचियों में धांधली कर पात्रों की जगह शामिल किए गए अपात्रों को लेकर अब प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। प्रशासन भी अपात्रों से राशनकार्ड स्वेच्छा से छोड़े जाने की अपील कर रहा है। वहीं, समय-समय पर स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई से अपात्र कार्ड धारकों में दहशत पैदा हो गई है तथा कुछ तो अपनी इच्छा से ही राशनकार्ड प्रशासन को सौंपने के लिए तैयार हैं। मंगलवार को तहसील के 67 राशनकार्ड धारकों ने स्वेच्छा से राशन कार्ड प्रशासन को सरेंडर कर दिए। एसडीएम डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जो भी अपात्र व्यक्ति अपनी इच्छा से राशनकार्ड प्रशासन को सौंपेगा उस पर कार्रवाई नही की जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के आदेशों पर कार्डों का सत्यापन किया जा रहा है। जो अपात्र मिल रहे हैं उन पर कार्रवाई भी की जा रही है। बताया कि 67 में से छह अंत्योदय व 61 पात्र गृहस्थी वालें है। जिन्होंने अपनी इच्छा से कार्ड सरेंडर किए हैं।

शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप

budget2021